Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्यूज़

लखनऊ।

 

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार “सैफई महोत्सव” करती रही है, अब बीजेपी सरकार गोरखपुर में तीन दिवसीय “गोरखपुर महोत्सव” करने जा रही है। गोरखपुर महोत्सव 11 से 13 जनवरी तक चलेगा। जिस पर 33 लाख रुपये खर्च होंगे।

 

कभी फिजूलखर्ची और विलासिता के लिए समाजवादी पार्टी का मजाक उड़ाने वाली भारतीय जनता पार्टी अब खुद उसी राह पर चल रही है। योगी सरकार ने इस आयोजन के लिए अपनी वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में संस्कृति विभाग द्वारा शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। लेकिन अंदाज थोड़ा अलग है। इस महोत्सव का रंग रूप सब सैफई महोत्सव से एकदम जुदा होगा।

बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी तक ये कलाकार होंगे शामिल

तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल होंगे और समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। फिल्मी कलाकारों से अलावा इस महोत्सव में स्थानीय बच्चों और कलाकारों के कार्यक्रम कराए जाएंगे।

 

गोरखपुर महोत्सव मे सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिबेट कॉम्प्टीशन, टैलेंट हंट, विज्ञान प्रदर्शनी, बैडमिंटन, कुश्ती जैसी प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। वहीं बाहर से आने वाले कलाकारों मे मालिनी अवस्थी, रविकिशन, मशहूर सिंगर शंकर महादेवन के संगीत और गायन के प्रोग्राम भी होंगे।

बॉलीवुड और भोजपुरी नाइट का आयोजन

कलाकारों के कार्यक्रम को बॉलीवुड और भोजपुरी नाइट का नाम दिया गया है। गोरखपुर महोत्सव के लिए अलग से लोगो डिजाइन किया गया है, जिसका स्लोगन “आरोह-तमसो-ज्योति” होगा। कार्यक्रम का समापन अनूप जलोटा की भजन संध्या से किया जाएगा।

 

अधिकारियों के मुताबिक इस महोत्सव के आयोजन के पीछे प्रदेश मे पर्यटन को बढ़ावा देना है। समाजवादी पार्टी के सैफई महोत्सव के बाद योगी के गढ़ गोरखपुर में महोत्सव के आयोजन पर तुलना और राजनीति होना तो तय है। अब इस आयोजन से किसकी राजनीति के क्या मायने सिद्ध होंगे ये तो वक्त बताएगा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने साधा निशाना

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 11 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव के लिए शासन की तरफ से लाखों रुपये स्वीकृत किए जाने की घोर आलोचना की है। राकांपा ने योगी सरकार के इस कदम की निंदा करते हुए इसे एक "बेशर्म सरकार" का बेहद गैरजिम्मेदाराना और अमानवीय कृत्य बताया है। एनसीपी ने योगी सरकार के इस फैसले को पिछले दिनों गोरखपुर स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में अगस्त के महीने में 290 बच्चों की मौत पर जश्न जैसा करार दिया है।

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