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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा हो रहा है। इस एक साल के दौरान राज्य में एक मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री, 22 कैबिनेट मंत्री, नौ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 13 राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की कोशिश में लगे रहे।

सरकार ने राज्य की विधानसभा के तीन सत्रों का सामना किया जहां इन मंत्रियों से सैकड़ों सवाल उनके कामकाज पर पूछे गए। इनमें से कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब में सरकार के रिपोर्ट कार्ड की झलक दिखती है।

आइए आपको रूबरू कराते हैं उन सवालों और जवाबों से-

1. सवाल- वित्तीय वर्ष 2017-18 के माह अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2017 के कितनी स्कैनिया बसों का संचालन किया गया और उनके लोड फैक्टर समेत सरकार के राजस्व पर क्या असर पड़ा?

जवाब- इस दौरान कुल 52 स्कैनिया बसों का संचालन किया गया और उक्त अवधि में संचालित स्कैनिया बसों का लोड फैक्टर-35 फीसदी प्राप्त हुआ। अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2017 तक कुल आय 3123.87 लाख रुपए एवं व्यय 3753.73 लाख रुपए रहा है। उक्त अवधि में प्रतिमाह निगम को औसतन 69.98 लाख रुपए की हानि हुई।

2. सवाल- वर्तमान खाद्य वितरण प्रणाली में लगातार आ रही शिकायतों व अनियमितताओं के दृष्टिगत प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने हेतु क्या सरकार डीबीटी योजना द्वारा सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में देने पर विचार करेगी?

जवाब- प्रदेश में खाद्यान्न के स्थान पर खाद्य सब्सिडी दिये जाने हेतु डीबीटी योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत जनपद- बागपत के तहसील खेकड़ा तथा शहरी क्षेत्र के अन्तरर्गत जनपद- फैजाबाद के अयोध्या फैजाबाद नगर निगम में प्रायोगिक तौर पर लागू करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल, यह प्रयोग प्रक्रियाधीन है।

3. सवाल- प्रदेश श्रम विभाग द्वारा बनाये गए लाल/पीले क्वार्टर के विषय में सरकार की क्या योजना है? प्रदेश में कितने लाल-पीले क्वार्टर तैयार हैं और इनके अलॉटमेंट की क्या स्थिति है?

जवाब- औद्योगिक आवास योजना के अंतर्गत लोहियानगर, गाजियाबाद में 792 औद्योगिक श्रमिक आवासों का निर्माण कराया गया। गृह लाल रंग से रंगे होने के कारण लाल क्वार्टर के नाम से जाने जाते हैं। इसके नजदीक लोहिया नगर, गाजियाबाद में ही अन्य औद्योगिक नगर बस्ती में 656 गृहों का निर्माण कराया गया है जो पीले रंग से रंगे होने के कारण पीले क्वार्टर के नाम से जाने जाते हैं। इन पीले गृहों का स्थानान्तरण लोक निर्माण विभाग द्वारा श्रम विभाग को नहीं किया गया है।

4. सवाल- क्या प्रदेश में पूर्व सरकार द्वारा संचालित कन्या विद्याधन योजना को बन्द कर दिया गया है? यदि हां, तो उसके क्या कारण हैं? क्या सरकार उक्त कारणों का निराकरण करके योजना को पुन: शुरू करेगी?

जवाब- वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट प्रावधान न होने के कारण यह योजना मौजूदा समय में संचालित नहीं है। फिलहाल, राज्य सरकार इस योजना के विकल्प के तौर पर कोई दूसरी योजना पर विचार नहीं कर रही है।

5. सवाल- प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कितने सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हैं? सरकार रिक्त पदों पर नियुक्ति कब तक करेगी?

जवाब- प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1,37,000 रिक्तियां मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल, इन रिक्तियों पर शिक्षामित्रों की मदद से काम लिया जा रहा है। हालांकि, हाल में सरकार ने लगभग 68,000 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिन्हें जल्द पूरी कर ली जाएगी।

6. सवाल- प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रवक्ता/सहायक प्रोफेसर के कितने-कितने पद रिक्त हैं? सरकार उपरोक्त रिक्त पदों को कबतक भरेगी?

जवाब- प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रोफेसर के 137, एसोसिएट प्रोफेसर के 205 एवं प्रवक्ता/सहायक प्रोफेसर के 240 पद रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए प्रक्रिया जारी है।

7. सवाल- नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे में प्रदेश का कौन सा स्थान है? क्या यह सही है कि देश का हर चौथा कुपोषित बच्चा उत्तर प्रदेश का है? सरकार ने प्रदेश में बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कोई योजना बनाई है?

जवाब- नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (2015-16) की रिपोर्ट के अनुसार सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश का 33वां स्थान है। केन्द्र सरकार की योजना के तहत बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा 39 जनपदों में शबरी कार्ययोजना शुरू की गई है।

8. सवाल- मरीजों को राहत देने के लिए प्रदेश के हर जिले में सस्ती दर पर सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने की कोई योजना है? यदि हां, तो उसका विवरण क्या है?

जवाब- राज्य में 2015 से तीन जिले इलाहाबाद, कानपुर और लखनऊ में सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध है। इस योजना के मुताबिक यह सुविधा 18 अन्य जिलों में शुरू की जानी है। इनमें कुछ जिलों का चयन किया जा चुका है और यहां डायलिसिस सेंटर खोलने की प्रक्रिया जारी है।

9. सवाल- प्रदेश में कितने एयरपोर्ट हैं और कितनों से वायुयान का संचालन किया जा रहा है? क्या राज्य सरकार के पास उनके उन्नयन की कोई कार्ययोजना है?

जवाब- प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कुल 27 हवाई अड्डे/हवाई पट्टियां मौजूद हैं। इनमें 17 हवाई पट्टियां प्रदेश के विभिन्न स्थानों (अम्बेडकरनगर, गाजीपुर, सुल्तानपुर, अलीगढ़, मेरठ, फर्रूखाबाद, फैजाबाद, कुशीनगर, कानपुर देहात (निर्माणाधीन), सोनभद्र, लखीमपुर खीरी (पलिया), श्रावस्ती, मुरादाबाद, इटावा, चित्रकूट, आजमगढ़, झांसी) में और कानपुर देहात की रसूलाबाद हवाई पट्टी निर्माणाधीन है।

वहीं राज्य में दो स्थानों (वाराणसी एवं लखनऊ) पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे स्थापित हैं। मौजूदा समय में कुल छह हवाई अड्डों (आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी) से वायुसेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं, केन्द्र सरकार के उपक्रम भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अन्तर्गत चयनित उपर्युक्त हवाई अड्डों को विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

10. सवाल- प्रदेश में समाजवादी पेंशन योजना के अन्तर्गत कितनी गरीब वृद्ध महिलाओं को पांच सौ रुपये प्रतिमाह समाजवादी पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है? क्या यह सही है कि सरकार उक्त योजना पर रोक लगाने पर विचार कर रही है?

जवाब- समाजवादी पेंशन योजना के अन्तर्गत 55 लाख महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिये जाने की व्यवस्था थी। मौजूदा समय में इस योजना के लिए लाभार्थियों के सत्यापन का काम चल रहा है। सत्यापन का काम पूरा होने के बाद इस योजना पर निर्णय लिया जाएगा।

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