Sonam Kapoor to Play Batwoman

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

उत्‍तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और उनके कामों के बारे में जानकारी जरूरी है। प्रवक्ता और टीवी में बहस के लिए पैनलिस्ट के दावेदारों की गुरुवार को बाकायदा लिखित परीक्षा हुई और साक्षात्कार किया गया।

इसमें अन्य सवालों के साथ-साथ पीएम मोदी व सीएम योगी से भी जुड़े सवाल थे। यानी अगर पीएम व सीएम और उनके कामों के बारे में नहीं जानते तो प्रवक्ता नहीं बन सकते। लिखित परीक्षा के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदेश प्रवक्ता की दौड़ में शामिल कांग्रेसियों का इंटरव्यू लिया।

मीडिया विभाग के पुराने नेताओं समेत कुल 70 कांग्रेसियों ने परीक्षा और इंटरव्यू दिया है। अगले सप्ताह तक इसके नतीजे घोषित किए जा सकते हैं।

परीक्षा से पहले लीक हो गया पेपर

कांग्रेस प्रवक्ताओं के लिए हुई लिखित परीक्षा हालांकि गुप्त रखी गई थी, लेकिन परीक्षा के पहले ही इसके प्रश्न पत्र लीक भी हो गए। बताया जा रहा है कि बंटने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सूत्रों के मुताबिक जब शाम को अचानक उन्हें परीक्षा की जानकारी दी गई तब जल्दी-जल्दी में कांग्रेस के अभ्यर्थियों ने लीक पेपर के जरिये सवालों के आंसर गूगल से डाउनलोड करने शुरू किए। हालांकि परीक्षा के बारे में गोपनीयता बनाई रखी गई थी, लेकिन 2:30 बजे प्रवक्ता पद चाहने वाले सभी लोगों को बताया गया कि उनकी लिखित परीक्षा होगी। इससे उनमें सवालों को लेकर बेचैनी बढ़ गई।

अब ये जानकारी रखने वाले ही बनेंगे प्रवक्‍ता व पैनलिस्‍ट

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस के कील-कांटे दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गई है। मीडिया विभाग में अब सिफारिश से पद नहीं मिलेंगे बल्कि सामान्य ज्ञान, सरकार और पार्टी के बारे में पर्याप्त जानकारी रखने वालों को ही प्रवक्ता व पैनलिस्ट बनाया जाएगा। इसके लिए आज लिखित परीक्षा व इंटरव्यू हुए।

परीक्षा व इंटरव्यू पास करने वाले ही मीडिया टीम में शामिल होंगे। प्रदेश में यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। दिल्ली से आईं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी व रोहन गुप्ता ने परीक्षा व इंटरव्यू किए। परीक्षा के लिए दिए गए प्रश्नपत्र में 14 सवाल थे। समय की कोई बंदिश भी नहीं थी।

परीक्षा में नकल की पूरी छूट

परीक्षा में बैठे मीडिया विभाग के कई पुराने धुरंधर आपस में बातचीत करके जवाब देने में जुटे थे। ये भी कह सकते हैं कि परीक्षा में नकल की पूरी छूट थी। जिन्हें कक्ष निरीक्षक बनाया गया था वे भी आंखे मूंदे थे।

लिखित परीक्षा में पूछे गए सवाल-

1. उत्तर प्रदेश में कितने मंडल, जिले एवं और ब्लॉक हैं?

2. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कितनी आरक्षित सीटें हैं?

3. 2004 एवं 2009 में कांग्रेस कितनी सीटों पर जीती थी?

4. लोकसभा 2014 एवं 2017 विधानसभा में कांग्रेस को कितने प्रतिशत मत मिले हैं?

5. उत्तर प्रदेश में कितनी लोकसभा सीटें और विधानसभा सीटें हैं?

6. उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट में कितनी विधानसभा सीटें आती हैं?

7. किन लोकसभा सीटों पर मानक से कम या ज्यादा सीटें हैं?

8. प्रवक्ता का कार्य क्या होता है?

9. आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं?

10. मोदी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?

11. योगी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?

12. मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां क्या-क्या थीं?

13. आज समाचार पत्र में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं? जिन पर कांग्रेस प्रवक्ता बयान जारी कर सकें।

14. प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू अखबार तथा चैनलों के नाम?

इंटरव्यू में परखी गई क्षमता

लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू में दावेदारों की क्षमता परखी गई। इंटरव्यू में प्रियंका चतुर्वेदी, रोहन गुप्ता के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी शामिल थे। दावेदारों से सामान्य ज्ञान, प्रदेश की राजनीति व सरकार से जुड़े सवाल पूछे गए। यह भी पूछा गया कि प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं?

दावेदारों से उनकी शैक्षिक योग्यता के अलावा भाषा ज्ञान और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी ली गई। इंटरव्यू लेने वाले पैनल ने दावेदारों की मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों का त्वरित जवाब की क्षमता को आंका।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll