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13 मासूमों की मौत, मगर 130 मिनट की जांच नहीं

UP | Last Updated : May 12, 2018 05:56 PM IST

 

  • रद्दी बनकर रह गए मुख्यमंत्री व परिवहन आयुक्त के आदेश

  • राजधानी में बेलगाम परिवहन अधिकारी


Updates on Kushinagar School Van Accident


दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ। 

 

कुशीनगर में गत 26 ट्रेन की चपेट में आने से स्कूली वाहन सवार 13 मासूमों की मौत का दर्दनाक हादसा आपको याद होगा। इस अत्यंत दुखद घटना का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जानकारी मिलने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद घटनास्थल पर पहुंच गए। हादसे पर शोक जताया और स्कूली वाहनों के जांच के आदेश दिए। मगर राजधानी में परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने में व्यस्त रहा। कई जिलों के अधिकारी अपने जिले छोड़ सड़क सुरक्षा के आयोजन में थे। जांच नाममात्र को भी नहीं हुई। इसीक्रम में विगत दो मई को परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने पत्रांक संख्या 449/इन्फ/2018 जारी कर 11 मई तक सारे स्कूली वाहनों की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। मगर शनिवार 12 मई 2018 तक राजधानी में ही महज एक दिन जांच हुई। अब सवाल यह है कि परिवहन विभाग के अधिकारी आयुक्त और मुख्यमंत्री से भी ज्यादा प्रभावी हो गए हैं।

राजधानी में स्कूल वाहनों की जांच महज एक दिन दो घंटे के लिए हुई। इस दौरान दो स्कूलों की जांच हुई और 42 वाहनों की जांच हुई और उसमें दस सीज कर दिए गए। उसके अगले दिन हेलमेट सीट बेल्ट अभियान बताकर स्कूल वाहनों की जांच नहीं की गई। अगले दिन सड़क सुरक्षा सप्ताह की तैयारी के नाम पर जांच से अधिकारी कन्नी काट गए। और अब स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय आ गया है।

 

हर जगह है फर्जीवाड़ा

स्कूल वाहनों को फिटनेस दिए जाने से लेकर उन्हें परमिट जारी करने की प्रक्रिया में हर जगह पर फर्जीवाड़ा साफ दिखाई दे रहा है। अधिकारी कांट्रैक्ट के आधार स्कूल परमिट का दावा कर रहे हैं लेकिन अधिसंख्य वाहनों में स्कूल के साथ अनुबंध पत्र गायब है। दिलचस्प बात यह है कि अपर परिवहन आयुक्त वीके सिंह ने अनुबंध पत्र की जांच अनिवार्य करार दी लेकिन आरटीओ दफ्तर में इसका आदेश प्रवर्तन शाखा तक नहीं पहुंचा। नतीजा यह है कि स्कूलों की जिम्मेदारी तय हो पा रही है न वाहन चालक पर लगाम लग रही है। परिवहन अधिकारी भी अपने संसाधनों की दुहाई देकर जैसे तैसे कन्नी काटते घूम रहे हैं।

परिवहन आयुक्त ने 11 मई तक सभी स्कूल वाहनों की शत प्रतिशत जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद जांच क्यों नहीं की गई और शिथिलता क्यों बरती जा रही है, यह गंभीर विषय है। सभी स्कूली वाहनों की जांच कराई जाएगी।

अनिल कुमार मिश्रा

उप परिवहन आयुक्त



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