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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

गुरुवार सुबह योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। गोंडा के जिलाधिकारी जितेंद्र बहादुर सिंह और फतेहपुर के जिलाधिकारी कुमार प्रशांत को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। योगी सरकार में जिलाधिकारी को सस्पेंड करने का ये पहला मामला है। निलंबन आदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित करना जरूरी है, जिससे कि सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों को समय से पूरा किया जा सके और उनमें पारदर्शिता लाई जा सके।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गोंडा में सरकारी अनाज वितरण में अनियमितता मिलने और बड़े स्तर पर अप्रभावी और अत्यधिक शिथिल नियंत्रण के आरोप में जिलाधिकारी जितेंद्र बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इनके अलावा गोंडा के प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी राजीव कुमार और खाद्य विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले में केस दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

फतेहपुर में इन पर भी गिरी गाज

फतेहपुर में 31 मई को विशेष सचिव खाद्य, अपर आयुक्त खाद्य ने फतेहपुर में गेहूं क्रय केंद्रों पर जांच की थी। जांच में तमाम तरह की अनियमितताएं पाई गईं। इस पर छह जून के क्रय केंद्र बिसौली मंडी नरेंद्र कुमार, फतेहपुर के जिला प्रबंधक पीसीएफ मोहम्मद रफीक अंसारी, फतेहपुर मंडी के यूपी एग्रो प्रेम नारायण, विपणन निरीक्षक शक्ति जायसवाल, जिला खाद्यान्न विपणन अधिकारी फतेहपुर घनश्याम को निलंबित कर दिया गया।

यूपी एग्रो के जिला प्रबंधक गुलाब सिंह के खिलाफ भी निलंबन की संस्तुति की गई है। इसके बाद सात जून को जिलाधिकारी कुमार प्रशांत को भी सस्पेंड कर दिया गया। पूरे मामले में एफआइआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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