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अखिलेश को यूं काबू करेंगे चाचा शिवपाल

UP | 11-Jan-2017 10:45:50 AM            

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दि राइजिंग न्‍यूज

11 जनवरी, लखनऊ।

चाचा शिवपाल सिंह यादव ने भतीजे अखिलेश यादव को आइना दिखाने का फैसला लिया है। इसके लिये वह समाजवादी पार्टी के विवाद की मुख्य जड़ माने जा रहे राज्यसभा सदस्य और टीम ‍अखिलेश का सबसे पावरफुल चेहरा प्रो. रामगोपाल यादव को बेनकाब करने का रास्ता चुना है।

अपने मकसद को अंजाम देने के लिये शिवपाल सिंह यादव ने अपनी कुछ बेहद करीबी अफसर तथा पार्टी नेताओं को इस काम में लगाया है। सूत्रों की माने तो सपा सरकार में ठेका, पट्टा, तबादला और जमीनों के आवंटन में प्रो. रामगोपाल ने जो कमाई की है उसकी तस्वीर को वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने रखना चाहते है ताकि हकीकत सामने आ सके।

शिवपाल सिंह यादव और मुलायम सिंह यादव को लगता है कि अखिलेश यादव को गुमराह कर के उनसे अलग करने की गहरी साजिश परिवार में चल रही है। साजिश का सूत्रधार प्रो. रामगोपाल यादव को माना जा रहा है। आम जनता में सरकार और पार्टी की छबि खराब न हो, इसके लिये पूरे आपरेशन को काफी गुपचुप रखा जा रहा है।

बताते चलें कि शिवपाल यादव अपने चचेरे भाई का चिठ्ठा जुटाने के बाद इस सार्वजनिक नहीं करेंगे। वह इसे भतीजे अखिलेश यादव के सामने रखना चाहते है ताकि उनके आंखों पर बंधी पट्टी खुल सके।

सूत्रों की माने तो सरकार बनने से पहले और बनने के बाद प्रो. रामगोपाल यादव की नामी-बेनामी सम्पत्तियों का ब्योरा गुपचुप तरीके से एकत्र कराया जा रहा है। इस काम में प्रो. रामगोपाल के कुछ विरोधी अफसर और पार्टी के पुराने नेता शिवपाल की मदद कर रहे हैं।

सपा दंगल पार्ट-1 में जब प्रो. रामगोपाल को पार्टी से निकाला गया था तो शिवपाल सिंह यादव इस काम को तभी करना चाहते थे लेकिन मुलायम सिंह यादव के कहने पर वह आगे नहीं बढ़े। सपा प्रमुख का कहना था कि इससे सरकार और पार्टी की छबि खराब होगी और विधानसभा चुनाव पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

सूत्रों का कहना है कि पार्टी में वापसी के बाद प्रो. रामगोपाल की चालों का जवाब देने के लिये शिवपाल सिंह यादव ने यह रास्ता चुना है। पार्टी के एक पुराने नेता का कहना है कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव को लगता है कि पूरी लड़ाई को खत्म करने के लिये अखिलेश यादव का भरोसा जीतना बेहद जरूरी है और यही तभी संभव होगा जब प्रो. रामगोपाल की हकीकत को तथ्यों केसाथ अखिलेश यादव के सामने रखा जाएगा।  

 

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