Neha Kakkar First Time Respond On Question Of Ex Boyfriend Himansh Kohli

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

तीन तलाक मसले पर सपा नेता रियाज अहमद ने विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि शरीयत के अनुसार तलाक को तीन चरणों में दिया जाना चाहिए। जबकि तीन तलाक को एक विकल्‍प के तौर पर रखा जाता है।

उन्‍होंने तीन तलाक और अपनी बात का उदाहरण देते हुए कहा, मान लीजिए आप अपनी पत्‍नी को किसी दूसरे मर्द के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखते हैं तो आप क्‍या करेंगे? इस पर आप या तो अपनी पत्‍नी को मार देंगे या तो उसे तीन तलाक देकर उससे पीछा छुड़ा लेंगे।

रियाज अहमद ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि अदालतों में सबसे ज्यादा केस तलाक के हिंदुओं के हैं। सबसे कम मुसलमानों के हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अदालतों में मुस्लिम महिलाओं के तलाक के मामले 3.7 प्रतिशत हैं, हिन्दू महिलाओं के तलाक के मामले 17.6 प्रतिशत और ईसाइयों के छह प्रतिशत हैं।

भाजपा कर रही ध्रुवीकरण

उन्होंने कहा कि भाजपा तीन तलाक को खत्म करना चाहती है। अगर वह वास्तव में मुस्लिम महिलाओं की इतनी ही हितैषी है तो संसद में महिलाओं के लिए आठ फीसद आरक्षण का बिल पारित करे। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से ध्रुवीकरण कर रही है।

रियाज अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओर से भाईचारा के बीच बनाई जा रही खाई को खत्म करने के लिए समाजवादी पार्टी ही काम कर रही है। इसकी रणनीति जल्द लखनऊ में होने वाली पार्टी की बैठक में बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा भाजपा के लोग मुस्लिम महिलाओं के पिछड़ेपन, कुचलेपन मुस्लिम महिलाओं की इतनी बड़ी शुभचिंतक हैं तो महिला आरक्षण बिल में मुस्लिम महिलाओं के पिछड़ेपन और कुचलेपन को दूर करने के लिए मुस्लिम महिलाओं को अलग से आठ प्रतिशत आरक्षण दें। सिर्फ राजनैतिक रोटियां सेंकने और ध्रुवीकरण करने के अलावा भाजपा का उसी तरह का दिखावा है हाथी के दांत खाने के और हैं दिखाने के और हैं।

अजहरी मियां को श्रद्धांजलि देने आए थे

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष का गठबंधन जनता की भी आवाज है। जो गठबंधन से पीछे हटेगा, जनता उसको नकार देगी। रियाज अहमद कल यहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से ताजुशरिया अजहरी मियां के जनाजे में शामिल होने आए थे। जनाजे में वह पार्टी के जिला सचिव और प्रवक्ता सैयद हैदर अली के साथ शामिल हुए और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ओर से अजहरी मियां को श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि शरिया अदालतों को लेकर देश में गर्मा-गरम बहस चल रही है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देश के सभी जिलों में शरिया अदालतों को खोलने की बात कही थी। इसके बाद इसका विरोध सियासी स्‍तर पर हो रहा है। इसके अलावा पिछले दिनों ही तीन तलाक जैसे मामलों के खिलाफ आवाज बलंद करने वाली बरेली के आला हजरत खानदान की बहू निदा खान के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। इसके तहत निदा खान का हुक्‍का पानी बंद कर दिया गया है। उन्‍हें पूरी तरह से इस्‍लाम से खारिज कर दिया गया है।

क्‍या है फतवे का कारण?

यह फतवा दरगाह आला हजरत के दारूल इफ्ता ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि निदा अल्‍लाह या खुदा के बनाए कानून का विरोध कर रही हैं। इस कारण उनके खिलाफ फतवा जारी किया जा रहा है। बरेली के शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने दरगाह आला हजरत पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि निदा का हुक्का पानी बंद कर दिया गया है।

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