Home Up News Shiksha Mitra Salary Payment On The Basis Of Attendance In UP

PNB महाघोटाला: देश के 15 शहरों में 45 ठिकानों पर ED की छापेमारी

सुकमा एनकाउंटर: नक्सलियों ने की रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर की हत्या

सनातन धर्म को लोग हिन्दू धर्म कहते हैं, यह हमसे चिपक गया है: मोहन भागवत

छत्तीसगढ़: सुकमा में नक्सलियों से मुठभेड़ में 6 सुरक्षाकर्मी घायल

PNB घोटाला: दिल्ली के साकेत मॉल, वसंतकुंज और रोहिणी में ED की छापेमारी

शिक्षा परिषद ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर कसा शिकंजा!

UP | 14-Sep-2017 02:58:34 PM | Posted by - Admin

  • उपस्थिति के आधार पर होगा मानदेय भुगतान

   
Shiksha Mitra Salary Payment on the Basis of Attendance in UP

दि राइजिंग न्‍यूज

इलाहाबाद।

 

अपनी मांगो को पूरी करवाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों से गैरहाजिर रहकर धरना-प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों पर और शिकंजा कस दिया गया है। परिषद सचिव ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक व बीएसए को निर्देश दिया है कि शिक्षामित्रों की स्कूलों में उपस्थिति जांचने के बाद उसी के अनुरूप मानदेय का भुगतान किया जाए और स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए।

 

 

शीर्ष कोर्ट ने बीते 25 जुलाई को प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था, उसके बाद से ही शिक्षामित्र प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद शिक्षामित्रों से कई बार वार्ता की और शासन का प्रतिनिधिमंडल भी कई दौर की वार्ता कर चुका है। पिछले दिनों उनका मानदेय बढ़ाने पर कैबिनेट मुहर लगा चुका है, लेकिन इससे शिक्षामित्र सहमत नहीं है। वह समान कार्य का समान वेतन देने की मांग पर अड़े हैं और लगातार आंदोलन प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

 

बीते आठ सितंबर को शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह सभी जिलों से शिक्षामित्रों की उपस्थिति मंगा रहे हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि स्कूलों में केवल 60 फीसद शिक्षामित्र उपस्थित हो रहे हैं। अब परिषद सचिव संजय सिन्हा ने एडी बेसिक व बीएसए को शीर्ष कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए आदेश दिया है कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए।

 

 

उन्होंने स्कूलों में केवल 60 फीसद शिक्षामित्रों के उपस्थित होने पर असंतोष जताया है। साथ ही आदेश दिया है कि शिक्षामित्रों की उपस्थिति के आधार पर ही उन्हें मानदेय का भुगतान किया जाए। स्कूलों में अभिलेखों का रखरखाव करने और पठन-पाठन की नियमित सूचना परिषद मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news