Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

सरकार ने महंगाई से जूझ रहे प्रदेशवासियों को जोरदार बिजली की झटका दिया है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे प्रदेशवासियों के लिए अब बिजली भी महंगी हो गई है। शहरों में बिजली की दरें करीब 12 प्रतिशत बढ़ा दी गई हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह इजाफा करीब दोगुने का है। सरकार द्वारा बिजली के दामों में इजाफे के बाद किसानों से लेकर व्यापारी तक में आक्रोश व्याप्त हो गया है। भारतीय किसान यूनियन ने बिजली की बढ़ी दरें वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है तो व्यापारिक संगठनों ने सरकार के फैसले के विरोध में आवाज बुलंद कर दी है।

 

विद्युत नियामक आयोग की स्वीकृति के बाद प्रदेश में बिजली की कीमतें बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब 50 रुपये फिक्स चार्ज देना होगा। इसके अलावा 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर उन्हें तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली का बिल भुगतना होगा। 100 से 150 यूनिट तक बिजली की कीमत 3.50 पैसा प्रति यूनिट होगा। 150 से 300 यूनिट तक प्रति यूनिट बिजली 4.50 रुपये की होगी। उधर शहरी क्षेत्र में भी बिजली दरों मे इजाफा कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों मं 150 यूनिट तक बिजली व्यय करने पर 4.90 रुपये प्रति यूनिट बिल देय होगा। इसी तरह से 150 से 300 यूनिट बिजली हर महीने खर्च करने पर 5.40 रुपये तथा 300 से 500 यूनिट खपत होने पर 6.20 रुपये प्रति यूनिट बिल लगेगा। 500 यूनिट से अधिक की खपत पर बिजली प्रति यूनिट 6.50 रुपये होगी। इसके साथ ही सौ रुपये फिक्स चार्ज लगेगा।

बिजली की कीमतों के इजाफे से हर वर्ग के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने करीब बिजली कीमत में करीब बीस फीसद इजाफे का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन राज्य विद्य़ुत नियामक आयोग ने सुनवाई के बाद इसमें लगभग 12 फीसद इजाफे की स्वीकृति दे दी है।

 

आंदोलन की राह पर किसान व व्यापारी

 

बिजली के दामों में किए गए इजाफे के विरोध में भारतीय किसान यूनियन तथा उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने आंदोलन की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश भर में किसान परेशान हैं। सरकार के दावों के बावजूद फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। परेशान किसान के लिए बिजली की दरों में इजाफा कोढ़ में खाज सरीखा है। इसके हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार ने अविलंब बढ़ी दरें वापस लेने की मांग की है। बिजली दरों में इजाफा वापस न होने पर उन्होंने कहा कि किसान बड़ा आंदोलन करेंगे और इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी।

उधर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने बिजली की बढ़ी दरों पर आक्रोश जाहिर करते हुए आंदोलन की चेतावनी है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि जीएसटी –नोटबंदी से व्यापारी वैसे ही परेशान हैं। व्यापार कम हो गया है और अब सरकार ने बिजली की दरों में करीब दोगुना इजाफा कर दिया है। नाकारा बिजली विभाग बिजली चोरों पर शिकंजा कसने में पूरी तरह से नाकाम है। सरकारी विभागों से बकाया की वसूली नहीं हो पा रही है। जो उपभोक्ता नियमित बिजली का बिल अदा कर रहे हैं, केवल उन पर ही आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सरकार इस पर पुनर्विचार नहीं करती है तो व्यापारी आंदोलन की घोषणा कर देंगे।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement