Happy And Not Happy Bollywood Actors For Ranveer Deepika Marriage
 
दि राइजिंग न्‍यूज
सरधना (मेरठ)।
 
सरधना के रार्धना में प्रेमी युगल की मौत के बाद हुए बवाल से एक पक्ष के लोग सहमे हुए हैं। घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने एक पक्ष के घरों पर हमला कर दिया था जिसके चलते कुछ लोग तो उसी समय अपने घरों से भाग गए थे। कुछ परिवारों ने बाद में दहशत के चलते गांव छोड़ दिया है।
हालांकि गांव में पुलिस पीएससी तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। मामला दो संप्रदाय का होने से पुलिस प्रशासन पैनी नजर रख रहा है। 
बता दें की गांव रार्धना राजपूत बाहुल्य गांव है यहां कुछ परिवार विशेष समुदाय के भी रहते हैं।
 
यह था मामला
गांव निवासी कक्षा 11 की छात्रा रही किशोरी का पड़ोसी युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। गत 6 सितंबर को प्रेमीयुगल को किशोरी के भाई ने अपने घर में एक साथ देख लिया था। जिसके बाद दहशत में आए प्रेमी युगल ने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया था। शाम के समय किशोरी व रात में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गयी थी। 
 
मामला दो सम्प्रदाय का होने के कारण गांव में तनाव हो गया था जिसके चलते रात के समय एकत्रित हुए कुछ लोगों ने विशेष समुदाय के लोगों के घरों पर धावा बोल कर मारपीट करने के साथ घरो में तोड़फोड़ भी की थी। सांप्रदायिक दंगे की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और रात में ही एसएसपी अखिलेश कुमार एसपी देहात राजेश कुमार सीओ सरधना संतोष कुमार कई थानों की पुलिस व पीएससी के साथ गांव पहुँचाना पड़ा था।
गांव को छावनी में दबदील करते हुए शुक्रवार की सुबह  गांव में किशोरी का अंतिम संस्कार किया गया था जिसमे भाजपा विधायक संगीत सोम ग्राम प्रधान अमित सोम सहित काफी लोग शामिल हुए थे।

गांव में तनाव के हालत को देखते हुए युवक के परिजन उसके शव को गांव में नहीं लेकर गए थे और 7 सितंबर की शाम सरधना में कालंद रोड स्थित कब्रस्तान में भारी पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी में युवक को सुपुर्दे खाक किया गया था। गांव में तभी से पुलिस व पीएससी तैनात है और तनाव पूर्ण शांति बनी हुई है।

 

गांववाले बोले...
गांव निवासी बुन्दू ने बताया की वह गांव में अपने चार पुत्रों में से तीन पुत्रों मुस्तकीम शकील व मोबीन के साथ रह रहा था। घटना के दिन राजपूत समाज के लोगों ने उसके घर पर भी हमला कर दिया था जिसके बाद वह अपने परिवार को जंगल में ले गया था और किसी तरह अपनी रिश्तेदारी में खतौली पहुंचा था। इस हमले के बाद उसका परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया था और उन्होंने गांव में जाने से साफ़ इंकार कर दिया था। इसके तीन दिन बाद वह गांव में आकर कुछ जरूरी सामान ले गया था। फिलहाल उसने मुज़फ्फरनगर जाकर मकान किराए पर लिया है और बाकी सामान ले जाने की तैयारी में है।
 
युसूफ पुत्र शमशुद्दीन का कहना है कि गांव में उनके परिवार के कुछ ही परिवार रहते थे ।6 सितंबर को हुई घटना के बाद गांव में जो हालात पैदा हुए है उससे उसका परिवार भयभीत हो गया और गांव से जाने पर मजबूर हो गया है।
 
मृतक युवक के पिता मनव्वर ने बताया की जिस समय उसके पुत्र की मौत हुई वह गांव में नहीं था जो घटना घटी उसमे उसका पुत्र भी नहीं रहा उसके बाद भी गांव के लोगों ने उसके घर पर हमला किया उसका परिवार किसी तरह जान बचाकर भाग आया अब वह गांव में नहीं जायेगा अपने परिवार के साथ फ़िलहाल सरधना में रह रहा है।
 
यासीन व शमीम पुत्रगण सलीमुद्दीन ने बताया कि जो घटना गांव में घटी उसमे किसका कुसूर है वह नहीं जानता लेकिन उसके बाद जो गांव के हालात बिगड़े उससे यह साबित हुआ कि अब गांव में रहना खतरे से खाली नहीं है। बताया की दोनों भाइयों का काम कपडे सीने का है। दोनों की गांव में दुकान है लेकिन उनकी महिलाएं व बच्चे पूरी तरह डरे हुए हैं इसलिए उन्होंने गांव छोड़ दिया है और सरधना में किराये पर मकान ले लिया है।
अली मोहम्मद पुत्र सुलेमान का कहना है की गांव के कुछ लड़के शराब पीने के बाद उसके परिवार को तंग करने लगे थे जिससे उसका परिवार दहशत में आगया और वह परिवार के साथ गांव छोड़ आया है। असलम पुत्र हनीफ भी दहशत के चलते अपने परिवार को लेकर गांव छोड़ गया है।
 
 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement