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अयोध्या विवाद: दस्तावेज का अनुवाद पूरा, सुनवाई का रास्ता साफ

UP | 30-Nov-2017 12:35:25 | Posted by - Admin
   
Latest and Trending Updates over Ram Mandir Construction and Babri Masjid Dispute

दि राइजिंग न्यूज़

लखनऊ।

 

लगभग सात वर्षों से देश की शीर्ष अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई की सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गई है। हिंदी, उर्दू, फारसी, संस्कृत, पाली सहित सात भाषाओं के अदालती दस्तावेज का अंग्रेजी में अनुवाद का काम पूरा हो गया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में पांच दिसंबर से इस मामले में सुनवाई शुरू होने की संभावना प्रबल हो गई है।

 

11 अगस्त को पिछली सुनवाई पर शीर्ष अदालत ने मामले से संबंधित दस्तावेजों को अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश देते हुए सुनवाई पांच दिसंबर तक के लिए टाल दी थी। हिंदू महासभाके वकील विष्णु जैन के मुताबिक, इस मामले से संबंधित करीब 10 हजार पन्नों के दस्तावेज का अंग्रेजी में अनुवाद हो चुका है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष पांच दिसंबर से इस मामले की सुनवाई होगी।

अनुवाद के लिए दिया था 12 सप्ताह का समय

 

पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने सभी पक्षकारों को अपने-अपने हिस्से के हिंदी, पाली, उर्दू सहित सात भाषाओं के अदालती दस्तावेज का 12 हफ्ते में अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश दिया था। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार को मौखिक साक्ष्यों को अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए 10 हफ्ते का वक्त दिया गया था। पीठ ने कहा था कि इसे लेकर आगे सुनवाई स्थगित करने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

पहले अधिकार का निर्धारण होगा

 

पीठ ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा था कि पहले हम यह तय करेंगे कि विवादित भूमि पर किसका अधिकार है? सनद रहे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वर्ष 2010 में विवादित स्थल के 2.77 एकड़ क्षेत्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर हिस्से में विभाजित करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि भूमि विवाद का मामला सुलझने के बाद पूजा-अर्चना का अधिकार आदि मसले पर बाद में सुनवाई होगी।

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