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चंदन मर्डर केस: जेल में बंद आरोपी अकरम की मां की मौत

UP | Last Updated : Feb 10, 2018 01:10 PM IST
  • एसआइटी करेगी कासगंज हिंसा की जांच

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दि राइजिंग न्‍यूज

कासगंज।

 

गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुई कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या के आरोप में जेल में बंद नसरुद्दीन की पत्नी और अकरम की मां हसीन बानो की शुक्रवार को मौत हो गई है। परिजनों का कहना है कि उनकी मौत सदमे से हुई है। बता दें, हिंसा में शामिल अकरम और उसके पिता नसरुद्दीन दोनों जेल में बंद हैं। दोनों आरोपियों को पैरोल पर कब्रिस्तान जाने की इजाजत दी गई थी।

परिवार के एक सदस्य ने बताया, हसीना बानो अपने पति और बेटे का नाम हत्या में शामिल होने के बाद से परेशान थीं।

 

 

गुरुवार को उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान ही शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई। रिश्तेदारों की मांग पर जेल में बंद नसरुद्दीन और उसके बेटे अकरम को पैरोल पर सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान में कुछ देर के लिए लाया गया था।

 

26 जनवरी से छह फरवरी तक कासगंज हिंसा में 16 एफआइआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी, 63 के खिलाफ नामजद केस दर्ज हुआ है, जबकि 271 अज्ञात हैं। सबसे ज्यादा पांच एफआइआर थाना प्रभारी कासगंज रिपुदमन सिंह ने दर्ज करवाई हैं। मृतक चंदन के पिता सुनील गुप्ता ने एक एफआइआर की है।

एसआइटी करेगी कासगंज हिंसा की जांच

कासगंज में हुई हिंसा को लेकर शुक्रवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के जरिये इस मुद्दे को उठाते हुए सदन में इस पर चर्चा कराने की मांग की जबकि सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया।

 

इस मुद्दे पर सपा के सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा भी किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही एक घंटे 25 मिनट तक स्थगित रही। विधान परिषद में भी सपा सदस्यों ने कार्यवाही ठप की। कासगंज हिंसा की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए सरकार ने विधानसभा में विशेष जांच दल (एसआइटी) से इसकी जांच कराने की घोषणा की।

इससे असंतुष्ट सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। बाद में विपक्ष की गैरमौजूदगी में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और एजेंडे के अन्य बिंदुओं को निपटाया गया।

क्या है पूरा मामला?

26 जनवरी को कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर तिरंगा यात्रा के तहत विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे। इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल चंदन गुप्ता नाम के शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी थी।

 

इसके बाद यहां तोड़फोड और आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं। 28 जनवरी, 2018 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में मारे गए युवक के परिवार वालों को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया था।



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