Rani Mukerji to Hoist the National flag at Melbourne Film Festival

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार के छह महीने पूरे होने पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "सरकार ने श्‍वेत पत्र की किताब जनता के सामने रखी है। किताब मैंने पढ़ी, सरकार के कामकाज को मैं कह सकता हूं- ये सफ़ेद झूठ या वाइट लाइज की बुक है।"

 

उन्‍होंने कहा- मुझसे कोई कहे पूजा करो, मैं नहीं कर सकता इसी तरह सीएम भी सरकारी कामकाज से दूर हैं। क्या वजह है कि सरकार को छह महीने लग गए श्‍वेत पत्र लाने में? गालिब का शेर भी अखिलेश यादव ने पढ़ा, "उम्र भर हम यह गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी और हम शीशा साफ करते रहे।"

 

 

किसानों को दिया धोखा

किसानों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, " उनके साथ मजाक हुआ है। सरकार ने किसानों को धोखा दिया है। इनके लोगों ने घर-घर जाकर कहा- कर्ज भी माफ होगा और घर भी दिया जायेगा। अब सच्चाई आपके सामने है। किसान खुद कह रहा है, उसके साथ मजाक हुआ है। कुछ सर्टिफिकेट सीएम खुद देख लेते। उन्होंने उपलब्धि की खुशी में यह देखा ही नहीं। कर्ज पूरा माफ़ होना चाहिए था। लगता है जब सर्टिफिकेट बने थे कुछ लोग सो गए होंगे, छपे होंगे तब भी सो गए होंगे, बांटा तब भी आंख बंद थी। गन्ना मंत्री के क्षेत्र में ही कई चीनी मिलों ने पैसा नहीं दिया है। गन्ना किसानों पर भी झूठ बोला।"

 

 

मेट्रो सपा का सपना बीजेपी का नहीं

अखिलेश ने कहा- श्‍वेत पत्र में पहले पन्ने पर हमारी ही बात हुई है। मेट्रो बीजेपी का सपना कैसे हो सकता है। टीवी और रेडियो पर देखा सुना। कहा गया- बीजेपी ने सपना देखा और मेट्रो जमीन पर उतार दी। खुली आंखों से सपना देखते हैं क्या।

हमें इंतजार रहेगा झांसी और गोरखपुर में मेट्रो कब बनेगा? सुना है जो एक्सप्रेसवे झांसी जाने वाला है। वह इटावा होते हुए आगरा से जाएगा। यह अधिकारी हमें भी कहते थे कि हम आपके वफादार हैं वही हमारे प्रेजेंटेशन बीजेपी को दिखाते थे। हम दो एयरपोर्ट मांग रहे थे। हमें एनओसी नहीं दी गयी। जेवर और आगरा में एयरपोर्ट बनाना चाहते थे।

 

उन्‍होंने कहा- दुग्ध विकास में अमूल के दो प्लांट लगाये थे। आप जो छाछ पिए थे, कम से उसका धन्यवाद तो दे देते। हमारे एमएलसी ले लिए औए उसका भी धन्यवाद नहीं दिया।

 

 

कानून-व्यवस्था को बर्बाद किया

उन्‍होंने कहा- जिस समय सीएम कानून व्यवस्था की बात कर रहे थे। उस समय अजगैन में सर्राफा व्यापारी की हत्या हो गयी थी। हंगामा हो गया था। पुलिस पिट रही है। लूट हत्या और रेप अब चरम पर है। पुलिस को जो काम करना चाहिए। वह नहीं किया है। बीजेपी ने कानून व्यवस्था को बर्बाद कर दिया।"

 

 

गोरखपुर मामले में लापरवाही

यही नहीं उन्‍होंने यह भी कहा कि- हमने बच्चो में कभी भेदभाव नहीं किया। सीएम अपने क्षेत्र में काम क्यों नहीं कर रहे हैं...पीजीआइ जैसी सुविधाएं क्यों नहीं दे रहे गोरखपुर में। आप कितने मेडिकल कॉलेज बनाओगे। आपने लोहिया मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन कर दिया। जिसके हम कर चुके थे। सीएम अपने ही जिले में 500 बेड का अस्पताल बना रहा थे, लेकिन पूरा नहीं करा पा रहे हैं।

 

 

कौन करेगा गड्ढ़ामुक्त सड़कों की जांच

अखिलेश ने कहा, "गड्ढा मुक्त सड़क पर जांच करने को सीएम ने कहा है। अब क्या सीएम, डिप्टी सीएम की जांच करेगा। यह तो दो इंजन वाली सरकार है, इसे तेज चलने चाहिए।"

 

उन्‍होंने कहा कि- सब योजनाओं की जांच चल रही है। रिवर फ्रंट हमने साबरमती से बढ़िया बना दिया था, हमारे पीछे पड़े हैं। वृन्दावन का घाट लखनऊ से बेहतर बन जाता उसे भी रोक दिया। हमने ज्यादा बजट दिया था या सीएम ने ज्यादा बजट दिया, धार्मिक नगरी के लिए। इस तथ्य की जांच करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने धर्म का ठेका ले रखा है।

 

 

शिक्षामित्र इतने बेइज्जत कभी नहीं हुए

अखिलेश ने कहा, "हमने गर्म खाना देने को कहा था, लेकिन अब सरकार नहीं दे पा रही। फल बंद कर दिया। जितना शिक्षामित्र इस सरकार में बेइज्जत हुए हैं, वह अब तक नहीं हुए थे।"

 

उन्‍होंने कहा- बीजेपी से विकास की बात क्यों कर रहे हैं, क्योंकि विकास इनका मुद्दा नहीं है। चुनाव के समय यह कोई बहकाने वाली बात करेंगे और हम सब भूल जाएंगे। इस सरकार से विकास की उम्मीद न करो। यह कुछ अफीम देंगे, सब बहक जायेंगे। खनन में सरकार के ही कुछ लोग लगे हैं। यह बंद करना है तो सरकार को पूरी ताकत लगानी पड़ेगी।

 

 

बिजली का कितना कोटा बढ़ा

बिजली पर पूर्व सीएम ने कहा, "हमने कई करोड़ गांव में बिजली पहुंच दी है, लेकिन लखनऊ में ही कितनी बिजली जाती है। सबको मालूम है, बीजेपी के बनारस के विधायक धरने पर बैठ गए थे। हमने बुलाकर पूछा, उन्होंने कहा पीएम का क्षेत्र है, 24 घंटे बिजली चाहिए। हमने दिया और कहा था- यूपी का कोटा बढ़वा दो। अब हम जानना चाहते हैं-कितना कोटा बढ़ा है।"

 

 

मेरे घर आएं..सीएम को पेड़ दिखाऊंगा

उन्‍होंने कहा, सीएम खेती के बारे में जानना चाहते हैं। मेरे घर आ जाएं...सीएम को पेड़ दिखाऊंगा। अगर बता दें की कौन सा फल आएगा तो मान जाऊंगा। हमसे कोई ये न कहे कि हम किसान के बारे में नहीं जानते। लायन सफारी में पहली बार ब्रीडिंग हो गयी है। हमने एनओसी के लिए भटकना पड़ता था। अधिकारियों को हवाई जहाज से भेजते थे।

 

 

तुष्टिकरण में आप क्यों फंस गए

अखिलेश ने कहा- अल्पसंख्यक कल्याण के बारे में बहुत चिंता है। क्या यह भी तुष्टिकरण में फंस गए हैं। अखिलेश ने कहा,"पार्क बनाया, पहले वहां बीसपी आती थी, अब बीजेपी वाले फ्रेश एयर लेने के लिए आते हैं।"

उन्‍होंने कहा, मथुरा जवाहरबाग काण्ड में सपा सरकार ने बेहतर काम करते हुए पार्क खाली कराया। हमने अधिकारियों को पेरिस भेजा था, उसे बेहतर बनाने के लिए।

 

 

जाति के आधार पर दिया, अवॉर्ड वापस ले लो

उन्‍होंने कहा, रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड हमने बनाया था। इसमें सहयोग डिंपल यादव ने किया था। इन्हें लगता है कि हम जाति के आधार पर देते हैं तो अवॉर्ड वापस ले लो। गोरखपुर में चिड़ियाघर बन रहे हैं। उसे बेहतर बना दो।

 

 

सरकार बताएं, कैसे बनेंगे स्कूल

अखिलेश ने कहा- सैनिक स्कूल से आए थे। अब सरकार बताये कैसे बनेंगे स्कूल। जो यूनिवर्सिटी का पैसा मिला उसे भी काट दिया। हमने गोरखपुर में भी नेपाली बच्चों के लिए हॉस्टल दिया था। एकेटीयू में हमने कलाम साहब के याद में म्यूजियम बनाया और उद्घाटन आपने किया लेकिन नाम भी नहीं लिया।

 

 

सड़कों से गाय हटा दो, लोग सुरक्षित होंगे

पूर्व सीएम ने कहा, दस हजार से ज्यादा गाड़ियां एक्सप्रेस वे पर चल रही हैं। मेहरबानी करके गाय माता को सड़क से हटा दो, लोग सुरक्षित भी रहेंगे।

 

 

सवाल पर साधी चुप्पी

वहीं उन्‍होंने 23 अक्टूबर को राज्य अधिवेशन और पांच अक्टूबर को राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम को बुलाया जाएगा, इस सवाल पर चुप्पी साधी। अखिलेश ने बोला,"नेता जी हमारे पिता हैं और जो कुछ है वह पॉलिटिकल हैं।"

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll