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दि राइजिंग न्‍यूज  

लखनऊ।

 

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने प्रदेश में दलित, पिछड़े और मुस्लिम वोट बैंक को साधने की तैयारी की है। स्व. डॉ. सोनेलाल पटेल की 69वीं जयंती पर अपना दल (एस) की ओर से सोमवार को लखनऊ के इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित जन स्वाभिमान दिवस रैली में एनडीए के कई नेता जुटे।

इन नेताओं ने जहां विपक्षी दलों पर जातिवाद व धर्म की राजनीति कर लोगों को बांटने का आरोप लगाया, वहीं 2019 में मोदी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने की घोषणा कर फिर एनडीए सरकार बनाने के लिए सभी वर्गों की एकजुटता को जरूरी बताया।

सीएम योगी ने किया संबोधित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, हमारी सरकार ने सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर बिना भेदभाव जनता को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। जिन दलों ने 50-55 वर्ष तक देश में राज किया, उन्होंने दलित, पिछड़े और गरीबों के लिए कार्यक्रम क्यों नहीं बनाए। उन्‍होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने दलितों व पिछड़ों के नाम पर उन्हीं का शोषण किया है। आंबेडकर का सपना था कि गरीबों और दलितों को उनका हक मिले। केंद्र व यूपी की सरकार बाबा साहब का सपना साकार कर रही है।

प्रधानमंत्री के नाम पर किया जा रहा गुमराह

योगी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी का भय दिखाकर मुसलमानों को गुमराह किया जाता है, लेकिन मोदी के मुख्यमंत्री रहते गुजरात के मुस्लिमों ने कहा कि यदि वह देश में सबसे सुरक्षित कहीं हैं तो गुजरात में हैं।

यूपी में रैली का ऐलान

वहीं, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर दलितों को ठगने का आरोप लगाते हुए उनकी पोल खोलने के लिए यूपी में रैली करने का ऐलान किया।

पासवान ने कहा, मायावती केवल निजी स्वार्थ के लिए दलित हित की बात करती हैं। मायावती ने मुख्यमंत्री रहते आदेश जारी किया था कि दलित अत्याचार विरोधी एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा, दलित कानून पर यदि सुप्रीम कोर्ट ने दलितों के विरोध में फैसला दिया तो केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर दलित हितों की रक्षा करेगी। सात जन्मों में भी आरक्षण को कोई समाप्त नहीं कर सकता। पदोन्नति में आरक्षण को भी सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

यूपी-बिहार में क्‍यों नहीं बनाया मुस्लिम मुख्‍यमंत्री

पासवान ने आगे कहा कि खुद को दलित बताकर राजनीति करने वाली मायावती बताएं कि नोटबंदी के बाद उन्होंने सौ करोड़ रुपये से अधिक बैंक में कैसे जमा कराए। उनका कितना पैसा स्विस बैंक में जमा है।

सपा पर प्रहार करते हुए उन्‍होंने कहा, हमारी लड़ाई हिन्दू-मुसलमान नहीं बल्कि देशभक्त बनाम देशद्रोही की है। मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने कभी यूपी व बिहार में किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया?

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