Home Up News CM Yogi Adityanath Speaks On Celebrating Janmashtami In Uttar Pradesh

विजयवाड़ा: निदेशक एसएस राजामौली की सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात

कलकत्ता हाईकोर्ट दुर्गा पूजा विसर्जन विवाद पर गुरुवार को फैसला सुनाएगा

दिल्ली: प्रसाद ग्रुप के मालिक के घर CBI की छापेमारी

योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे

कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood

जब ईद की नमाज पर रोक नहीं तो जन्‍माष्‍टमी पर क्‍यों?

UP | 17-Aug-2017 10:20:07 AM
     
  
  rising news official whatsapp number

CM Yogi Adityanath Speaks on Celebrating Janmashtami in Uttar Pradesh

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्ववर्ती सपा सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि- सड़क पर ईद की नमाज नहीं रोक सकते तो थानों, पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाने का हक नहीं है। यदुवंशी कहलाने वालों ने थानों पर पुलिस लाइन में जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगा दी थी।

मुख्यमंत्री केजीएमयू के साईंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान व प्रेरणा जनसंचार नोएडा की ओर से दूरस्थ शिक्षा पर प्रबोधन व केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक अंत्योदय की ओर के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

 

 

उन्होंने कहा कि अंत्योदय के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने पांच दशक पहले जिन मूल्यों व मुद्दों को सामने रखा, देश व प्रदेश सरकार उनका अनुसरण करते हुए मजबूती से आगे बढ़ रही है। अंत्योदय देश, दुनिया की चुनौतियों से जुड़ा ऐसा मुद्दा है जो हर देश, काल और परिस्थिति में शाश्वत है।

 

पंडित दीनदयाल ने उस समय अंत्योदय और एकात्म मानवावाद का विचार दिया जब साम्यवाद, समाजवाद और पूंजीवाद के त्रिशंकु में बुद्धिजीवी झूलते दिख रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के बैंक खाते इसीलिए खुलवाए क्योंकि उनके पास पंडित दीनदयाल की अंत्योदय की सोच थी।

 

 

दीनदयाल कहते थे कि जो प्राचीन है, उसे युगानुकूल बनाओ और जो अर्वाचीन है उसे देश के अनुकूल बनाओ। गरीबों के जन-धन खाते न खुले होते तो प्रधानमंत्री आवास योजना के चेक सीधे उनके खातों में नहीं पहुंचते। उनसे पैसों का लेन-देन होता। हमने प्राचीन व्यवस्था को युगानुकूल बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक दो कारण से जाने जाते हैं। उन्होंने गणेश पूजन को सांस्कृतिक उत्सव बनाया और गीता पर टीका लिखी। इससे सामूहिक आयोजन हुए।

 

 

सामूहिक ताकत का अहसास हो तो भारत से टकराने की हिम्मत किसी में नहीं है। गणेश उत्सव गावों, शहरों में मनाए जाते हैं किसी को आपत्ति नहीं है। यहां क्रिसमस मनाइये कौन रोक सकता है, नमाज पढ़िये, कानून के दायरे में रहेंगे तो कोई नहीं रोकेगा। टकराव तो कानून का उल्लंघन करने पर होता है।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई गर्व से कहें कि हिंदू हैं, तो उसे सांप्रदायिक बताया जाता है। नेपाल में पशुपतिनाथ भगवान के दर्शन करने जाए तो हिंदू बताने पर नेपाल वालों को अच्छा लगता है।

 

 

मारीशस, फिजी समेत दुनिया में जहां भी भारत के लोग बसे हैं, वे हिंदू कहलाने पर गौरवान्वित होते हैं। कहा कि हिंदू कोई संप्रदाय, उपासना विधि नहीं है। इसमें शैव, वैष्णव, हर मत, संप्रदाय आता है।

 

सीएम ने कहा कि इस साल गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच चार करोड़ कांवड़ यात्री थे। हैरानी थी कि कांवड़ यात्रा में माइक या डीजे नहीं बज सकता था। यह कांवड़ यात्रा थी या शव यात्रा जो डमरू, डोल, चिमट भी नहीं बज सकते। हमने कहा कि प्रदेश में डीजे, माइक या अन्य चीजों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हमने कहा, पता कि कौन शिव अंश के रूप में कावड़यात्री हैं, इसलिए हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल के बाहर से माइक की आवाज नहीं आए, ऐसा आदेश लागू नहीं किया जा सकता।

 

 

सड़क पर ईद की नमाज नहीं रोक सकते तो थानों में जन्माष्टमी के आयोजनों को भी रोकने का हक नहीं है। यदुवंशी कहलाने वालों में थानों, पुलिस लाइन में जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगा दी थी। श्रीकृष्ण के नाम पर एक ही तो पर्व है। भगवान कृष्ण का कीर्तन, स्मरण करते हुए न जाने किस पर प्रभाव पड़ जाए, पुलिस की व्यवस्था में सुधार हो जाए इसलिए भव्य आयोजन के निर्देश दिए। प्रदेश में इस मौके पर कहीं तिनका भी नहीं हिला।

 

 

राम को लेकर एक जैसे थे दीनदयाल-लोहिया के विचार

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद पंडित दीन दयाल कहते थे कि छात्रों को 200 वर्ष ही नहीं, उससे पहला इतिहास भी पढ़ाया जाए। हम सब बल, बुद्धि, विद्या में अग्रणी थे लेकिन फिर भी गुलाम हुए क्योंकि हम सामूहिक ताकत नहीं बन पाए। इतिहास केवल परीक्षा देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उसके सुखद पहलू पर गौरवान्वित होना चाहिए और दुखद पहलू की पुनरावृत्ति न हो, इसका सबक लेने की जरूरत है।

 

उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. लोहिया अलग-अलग वैचारिक धड़ों के ध्रुव थे लेकिन राम को लेकर उनके विचार एक जैसे थे। वे मानते थे कि राम से पहले भी देश था। राम और कृष्ण ने देश को एकसूत्र में बांधा, लेकिन ऐसा दौर आया कि राम का नाम लेने में संकोच महसूस होने लगा।

 

 

सीएम ने मार्क्सवादियों पर भी निशाना साधा। कहा कि वे मजदूरों की बात करते हैं, कहते हैं कि जो कमाएगा वो खाएगा। भारतीय अवधारणा है कि जो कमाएगा वह खिलाएगा। देश में 12 लाख साधू हैं। वे कीर्तन करते हैं, भ्रमण करते हैं, उनकी देखभाल समाज करता है। क्या साधु, संतों को भिखमंगा कहा जाता है? संन्यास के समय साधु के लिए एक बार भिक्षाटन अनिवार्य है। भिक्षा का अर्थ है अपने अंदर के अहंकार को, राग-द्वेष को त्यागना।

 

भारत से प्रेरणा प्राप्त करने वाले कई देशों में छात्रों को एक साल भिक्षु के रूप में देश भर का भ्रमण कराया जाता है और एक साल सैनिक के रूप में समर्पित रहते हैं।

 



जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

संबंधित खबरें

HTML Comment Box is loading comments...

 


Content is loading...



What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll



Photo Gallery
गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया । फोटो - कुलदीप सिंह

Flicker News


Most read news

 



Most read news


Most read news


खबर आपके शहर की