Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्‍यूज

वाराणसी।

 

पूर्वांचल के नामी माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से बीजेपी विधायक अलका राय ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि इस घटना के बारे में टीवी से पता चला, लेकिन जानकर खुशी हुई। उन्होंने इस भगवान द्वारा दिया गया न्याय बताया।

बता दें झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी की सोमवार को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार को उसकी पूर्व बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी। उसे रविवार को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। 

किसी न किसी की तो आह लगी होगी

अलका राय ने कहा कि हम लोगों के परिवार के ऊपर हमेशा भय बना रहता था। मैं अपने लिए नहीं डरती थी, लेकिन बच्चों को लेकर डर बना रहता था। कुछ दिन पूर्व मुन्ना बजरंगी के साले की हत्या में मेरे बच्चों पर आरोप लगाया गया था। हम इंसाफ की मांग करते थे, लेकिन आज इस घटना के बाद खुशी हुई।

अलका राय ने कहा कि किसी न किसी की तो आह लगी होगी। मुन्ना की वजह से कई महिलाएं विधवा हुई हैं।

बता दें मुन्ना बजरंगी भाजपा के विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या में मुख्य अभियुक्त था। कृष्णानंद राय हत्याकांड उत्तर प्रदेश के इतिहास में जघन्य हत्याकांडों में शुमार है।

एके-47 की तड़तड़ाहट से मचा था तूफान

सात लाख का इनामी बदमाश रह चुका सुपारी किलर मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से हड़कंप मचा है। यूपी की अपराध की दुनिया में मुन्ना बजरंगी एक खूंखार और शातिर अपराधी माना जाता रहा। उसका नाम भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद चर्चा में आया।

गाजीपुर के भंवरकौल थाना क्षेत्र के गंधौर में 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। आरोप है कि माफिया मुख्तार अंसारी के ही कहने पर मुन्ना बजरंगी ने कृष्णानंद राय पर एके-47 से 400 गोलियां दागीं।

हमले में विधायक कृष्णानंद राय के अलावा उनके साथ चल रहे छह अन्य लोग भी मारे गए थे। पोस्टमार्टम के दौरान हर मृतक के शरीर से 60 से 100 तक गोलियां बरामद हुईं थी। इसके बाद से वह मोस्ट वांटेड बन गया था।

कृष्‍णानंद के साथ छह साथियों की भी मौत

हमले में कृष्णानंद राय व उनके छह साथियों मुहम्मदाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख श्यामाशंकर राय, भांवरकोल ब्लाक के मंडल अध्यक्ष रमेश राय, अखिलेश राय, शेषनाथ पटेल, मुन्ना यादव व उनके अंगरक्षक निर्भय नारायण उपाध्याय की मौत हुई थी। ये सभी क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद गाजीपुर लौट रहे थे।

विरोध की आग में जला था पूर्वांचल

गाजीपुर में हुए इस हत्याकांड ने यूपी सहित पूरे पूर्वांचल को दहला कर रख दिया था। सियासी जगत में हलचल मच गई थी। गाजीपुर जिला दहल उठा था। इस हत्याकांड से पूरे यूपी सहित बिहार में भी हड़कंप मच गया था।

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