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दि राइजिंग न्यूज़

बहराइच।

 

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे पर तमाम दल आमने सामने हैं तो वहीं यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं भी जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

इसी बीच उत्तर प्रदेश के बहराइच से भाजपा की सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्ना को महापुरुष करार दिया है, साथ ही यह भी बताया कि आजादी की लड़ाई में जिन्ना का योगदान था। इसलिए जिन्ना की तस्वीर को जहां भी लगाए जाने की जरूरत है उस जगह पर लगाई जानी चाहिए।

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना की तारीफ करते हुए तस्वीर लगाने को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, उन पर उंगली उठाना घटिया बात है। मौर्य ने कहा कि देश के बंटवारे से पहले इस देश में जिन्ना का भी योगदान है।

 

सांसद सावित्री बाई फुले ने यूपी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पिछड़ों की उपेक्षा के बयान को सही बताया। उन्होंने कहा कि यह सच है पिछड़ों की उपेक्षा हो रही है। मुझे सांसद न कहकर दलित सांसद कहा जाता है। बता दें कि ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

उन्होंने हाल ही में कहा है कि उनकी सीधी लड़ाई मुख्यमंत्री से है, क्योंकि पिछड़ों के आरक्षण को तीन श्रेणी में विभाजित करने समेत जो भी मांगे हैं सबका निस्तारण मुख्यमंत्री को ही करना है। जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक वह आवाज उठाते रहेंगे।

 

एएमयू: जिन्ना तस्वीर विवाद

बता दें कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद तब उठा, जब अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने मामला उठाया।

बताया जा रहा है कि जिन्ना 1938 में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आए थे। उन्हें यूनियन द्वारा कई अन्य लोगों की तरह मानद उपाधि दी गई थी। छात्रसंघ ने 1920 में आजीवन सदस्यता देने की शुरुआत की थी। तब महात्मा गांधी और जिन्ना को भी सदस्यता मिली थी और तभी वहां जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी। 

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