Home Up News AMU Controversy: BJP MP Savitribai Phule Comments On Jinnah Portrait

तूतीकोरिन हिंसा: कांग्रेस ने PM नरेंद्र मोदी से पूछे 10 सवाल

PM मोदी 29 मई से 2 जून तक इंडोनेशिया और सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे

हापुड़ः लूटपाट के इरादे से बदमाशों ने की दिल्ली पुलिस के दरोगा की हत्या

तूतीकोरिन में फिर भड़की हिंसा के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात

मूनक नहर की मरम्मत मामले में हरियाणा ने दिल्ली HC में दाखिल की रिपोर्ट

“महापुरुष थे जिन्ना”

UP | Last Updated : May 11, 2018 11:42 AM IST

AMU Controversy: BJP MP Savitribai Phule Comments on Jinnah Portrait


दि राइजिंग न्यूज़

बहराइच।

 

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे पर तमाम दल आमने सामने हैं तो वहीं यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं भी जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

इसी बीच उत्तर प्रदेश के बहराइच से भाजपा की सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्ना को महापुरुष करार दिया है, साथ ही यह भी बताया कि आजादी की लड़ाई में जिन्ना का योगदान था। इसलिए जिन्ना की तस्वीर को जहां भी लगाए जाने की जरूरत है उस जगह पर लगाई जानी चाहिए।

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना की तारीफ करते हुए तस्वीर लगाने को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, उन पर उंगली उठाना घटिया बात है। मौर्य ने कहा कि देश के बंटवारे से पहले इस देश में जिन्ना का भी योगदान है।

 

सांसद सावित्री बाई फुले ने यूपी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पिछड़ों की उपेक्षा के बयान को सही बताया। उन्होंने कहा कि यह सच है पिछड़ों की उपेक्षा हो रही है। मुझे सांसद न कहकर दलित सांसद कहा जाता है। बता दें कि ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

उन्होंने हाल ही में कहा है कि उनकी सीधी लड़ाई मुख्यमंत्री से है, क्योंकि पिछड़ों के आरक्षण को तीन श्रेणी में विभाजित करने समेत जो भी मांगे हैं सबका निस्तारण मुख्यमंत्री को ही करना है। जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक वह आवाज उठाते रहेंगे।

 

एएमयू: जिन्ना तस्वीर विवाद

बता दें कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद तब उठा, जब अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने मामला उठाया।

बताया जा रहा है कि जिन्ना 1938 में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आए थे। उन्हें यूनियन द्वारा कई अन्य लोगों की तरह मानद उपाधि दी गई थी। छात्रसंघ ने 1920 में आजीवन सदस्यता देने की शुरुआत की थी। तब महात्मा गांधी और जिन्ना को भी सदस्यता मिली थी और तभी वहां जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी। 



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...