FIR Registered Against Singer Abhijeet Bhattacharya For Misbehavior From Woman

दि राइजिंग न्यूज़

लखनऊ।

 

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले में हुई तोड़फोड़ को लेकर राज्यपाल राम नाईक से प्रदेश सरकार से इस पूरे प्रकरण पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ ही इसकी जांच कराए जाने की बात भी कही है।

 

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आम लोगों से वसूले गए टैक्स के पैसों से सरकारी बंगलों का रखरखाव होता है और बंगला खाली करने से पहले की गई तोड़फोड़ बहुत ही गंभीर और अनुचित मामला है, ऐसे में इस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्यपाल ने लिखी चिट्ठी

सरकारी बंगले में तोड़फोड़ पर राज्यपाल की ओर से कार्रवाई के लिए लिखी गई चिट्ठी के बाद अब राज्य संपत्ति विभाग इस मामले पर बुधवार को रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। इससे पहले मंगलवार को राज्यपाल ने राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर बंगले में तोड़फोड़ की पूरी जानकारी ली।

 

तोड़फोड़ पर लोगों में चिंता

राज्यपाल ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री के बंगले में तोड़फोड़ किए जाने को लेकर लोगों में चिंता और चर्चा है इसलिए इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले 4 विक्रमादित्य मार्ग में खाली करने से पहले किया गया तोड़फोड़ बहुत ही गंभीर और गलत मामला है। इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पंहुचाया गया है।

 

उन्होंने कहा कि सरकारी बंगलों का रखरखाव आम लोगों के टैक्स के पैसे से होता है, इसलिए इस तोड़फोड़ की जांच और कार्रवाई जरूरी है। राज्यपाल राम नाईक ने राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों के आवंटन और रखरखाव की जानकारी ली, अधिकारियों ने बताया कि तमाम पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई है।

सपा का पलटवार

राज्यपाल के सरकार को लिखे इस सिफारिशी खत के बाद अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, साथ ही इस मुद्दे पर प्रदेश में राजनीति एक बार फिर गरमा सकती है। राज्यपाल की इस सिफारिश के बाद समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि राज्यपाल की एक चिट्ठी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के लिए भी लिखी गई थी जिसमें उनके ऊपर रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे, लेकिन उस चिट्ठी का क्या हुआ जांच के पहले ही अधिकारियों ने क्लीन चिट दे दी।

 

उनका कहना है कि ऐसे में उनकी चिट्ठी का कोई महत्व नहीं है अगर राज्यपाल की सूची पर कार्रवाई होनी है तो पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के बारे में लिखी गई चिट्ठी पर कार्रवाई हो। बीजेपी के प्रवक्ता डॉक्टर चंद्रमोहन ने कहा कि अखिलेश यादव की कलई खुल चुकी है और कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए कि वो इनका बचाव कैसे करना चाहती है।

अखिलेश का जवाब

सरकारी बंगले में तोड़फोड़ के आरोप पर 2 दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उन पर टोंटी खोलने का आरोप लगाया जा रहा है। फिलहाल वह लखनऊ से बाहर हैं और वापस लौटते ही सबसे पहले टोंटी खरीद कर भिजवा देंगे।

 

उन्होंने कहा था, “अखबार लिख रहे हैं कि हम टोंटी ले गए। बीजेपी सरकार को जो टोंटी चाहिए, मैं भिजवाने को तैयार हूं। अभी दो दिन सैफई में हूं, दो दिन बाद लखनऊ जाऊंगा, बताकर जाऊंगा। जो टोंटी अच्छी होगी दे दूंगा। कह रहे हैं आवास में तोड़फोड़ कर दी है। हमारा समान था, ले गए। अगर आप का एक भी सामान हमने लिया है तो सूची भिजवा देना, इसी एक्सप्रेसवे से सामान भिजवा देंगे।”

 

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