Neha Kakkar Reveald Her Emotional Connection with Indian Idol

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी और योगी सरकार पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, अच्छा हुआ, हमें नोएडा मेट्रो के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। तस्वीरों में हमने देखा सीएम भी मेट्रो को झंडी नहीं दिखा पाए। हम लोगों के लिए एक और अच्छी बात है कि दोनों लोग नोएडा गए थे। नोएडा जाने के बाद इसका असर दिखाई देगा, आप समझ सकते हैं। बता दें कि 25 दिसंबर को नोएडा में मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन के वक्त मोदी और योगी वहां गए थे।

 

 

बता दें कि 29 साल से नोएडा को लेकर ये मिथक चल रहा था कि नोएडा का दौरा करने वाले सीएम को दोबारा सत्ता नहीं मिलती। योगी ने इस मिथक को तोड़ा। सत्ता संभालने के बाद पहली बार 23 दिसंबर को योगी नोएडा गए। उसके दो दिन बाद 25 दिसंबर को योगी मेजेंटा लाइन के उद्घाटन के वक्त पहुंचे थे।

 

सपा अध्‍यक्ष ने कहा, हम हर तरह से जनता के लिए लड़ने को तैयार है। हमारा मुकाबला धोखे की राजनीति करने वालों से हैं। हम विकास की राह पर हैं। हम इसे लेकर चल रहे हैं। हमारी लड़ाई जाति और धर्म की राजनीति करने वालों से है। बीजेपी को जातिवादी पार्टी बताते हुए कहा कि हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।

 

 

वहीं ईवीएम से वोटिंग को लेकर अखिलेश ने कहा, हम चाहते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले उपचुनाव में वोटिंग ईवीएम के बजाए बैलट पेपर से हो।

हम तकनीकी की अच्छी समझ रखते हैं, लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि अगर ईवीएम खराब हो जाती है, तो उसे कैसे ठीक किया जाता है। चिप के जरिए पेट्रोलपंप पर तेल चोरी की शिकायतें मिली है। जब चिप से तेल चोरी हो सकता है, क्या कोई ईवीएम में चिप के जरिए ऐसा कुछ नहीं कर सकता।

 

 

उन्‍होंने कहा, हमने शनिवार (6 जनवरी) को इसलिए सभी बीजेपी विरोधी पार्टियों की बैठक बुलाई थी, ताकि ऐसा माहौल बने कि 2019 से पहले होने वाले उपचुनाव ईवीएम के बजाए बैलट पेपर से हों।

 

सपा अध्‍यक्ष ने कहा, सर्दी में स्वेटर बंटने चाहिए थे। सबसे बड़ी पार्टी की प्रदेश सरकार है। एक करोड़ पार्टी के वर्कर है। एक-एक स्वेटर इस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अगर बुना होता तो प्रदेश के स्कूल में बच्चों को स्वेटर मिल जाते।

 

उन्‍होंने कहा, सुना है सैफई महोत्सव के बाद अब गोरखपुर महोत्सव हो रहा है। नया साल है, आप मीडिया के लोग है पता करिए। कितना खर्च हो रहा है। किसका महोत्सव बेहतर हुआ है।

बता दें कि योगी सरकार ने गोरखपुर में होने वाले इस महोत्सव के लिए 33 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

 

आलू मसले पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, योगी सरकार आलू की जांच करा रही है। जो काम सरकार करना चाहिए था, वो नहीं कर रही है। अगर सरकार आलू खरीदती, तो सड़कों पर आलू नहीं होता। सरकार हिमाचल में जाकर बता रही है, हमने सारा आलू खरीद लिया है। जिन बातों का जवाब यहां देना चाहिए, उसका जवाब कहीं और दिया जा रहा है।

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