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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बुधवार को यूपी में आंधी-बारिश और गर्मी के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। दीवार व पेड़ गिरने से अलग-अलग हादसों में अवध के जिलों में सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सीतापुर के चार, गोंडा के दो और फैजाबाद के एक शामिल हैं। जबकि कन्नौज व कौशांबी में दो-दो और हरदोई में एक की जान चली गई। वहीं, लू लगने बांदा व महोबा में एक-एक की मौत हो गई।

अवध के गोंडा के नवाबगंज के अंबरपुर गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो चचेरी बहनों कोमल व श्वेता की दबकर मौत हो गई। सीतापुर जिले के सदरपुर क्षेत्र के धर्मपुर छप्पर की दीवार गिरने से अरबी (20) की मौत हो गई।

वहीं, सदरपुर के सददूपुर में टिनशेड व दीवार गिरने से नजर मोहम्मद के पुत्र सुहेल (12) की दबकर मौत हो गई। महोली में छत से गिरकर भन्नू (50) की मौत हो गई।

उधर, फैजाबाद के कैंट क्षेत्र में पेड़ गिरने से मुमताज नगर निवासी श्रीमती (45) की मौत हो गई। वहीं, अयोध्या में 50 से अधिक पेड़ गिरने से छह से अधिक लोग जख्मी हो गए।

प्रदेश में मानसून पहुंचने की रफ्तार हुई धीमी

देश के उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवातीय दबावों के चलते मानसून की रफ्तार धीमी हो गई। इससे मानसून के यूपी में आने में 4 से 5 दिनों की देरी हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बुधवार को बताया कि उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं से प्रदेश में गर्मी बढ़ी है, वहीं देश के पश्चिमी इलाकों सक्रिय चल रहे मौसमी उठापटक से मानसून की रफ्तार धीमी हो गई।

 

पिछले 36-48 घंटों से मानसून बंगाल में सक्रिय है, रुका हुआ है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मानसून की प्रदेश में आमद तय तारीख से चार-पांच दिनों तक पिछड़ सकती है। प्रदेश में मानसून के आने की सामान्य तारीख 15 जून के आसपास है, लेकिन इस बार ये देरी कर सकता है।

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