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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।  

 

वॉट्सऐप के द्वारा अफवाह फैलने और इससे होने वाली मॉब लिंचिंग की घटनाओं से चिंतित सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी थी कि वह इसे रोकने के उपाय करे। इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए वॉट्सऐप ने बुधवार को सरकार को एक तीन पेज का लेटर भेजकर अपना जवाब दिया।

वॉट्सऐप ने बनाई रणनीति

इस लेटर में वॉट्सऐप ने पूरा प्लान बताया है कि वह किस तरह से अफवाहों और फर्जी संदेशों को रोकने के लिए कदम उठाएगा। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ (फर्जी खबरों) की भरमार की वजह से देश के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। भारत सरकार ने वॉट्सएप को अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग होने से रोकने में नाकाम रहने पर मंगलवार को आगाह किया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैली बच्चों को अगवा करने की अफवाहों के चलते एक साल में कम से कम 29 लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया।

ये है वॉट्सऐप का प्लान

  • वॉट्सऐप फर्जी संदेशों और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए कई कदम उठा रही है। कंपनी ने अपने लेटर में बताया है कि कई नए फीचर टेस्ट किए जा रहे हैं, जिन्हें आगे लागू किया जा सकता है।

  • यूजर्स को सुरक्ष‍ित रखने के लिए ज्यादा नियंत्रण और जानकारियां दी जाएंगी।

  • कंपनी दोतरफा रणनीति अपनाएगी, पहला, लोगों को इस तरह का नियंत्रण और जानकारी दिया जाए जिससे वे सुरक्ष‍ित रहें। दूसरा, वॉट्सऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए सक्रियता से काम करना।

  • फॉरवर्ड मैसेज और किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए मैसेज में अंतर की स्पष्ट जानकारी होगी। वॉट्सऐप ऐसे फीचर का टेस्ट कर रही है जिसमें यूजर को यह पता चल सकेगा कि कोई मैसेज फॉरवर्ड होकर आ रहा है या मूल है, ऐसे में वह यह निर्णय ले सकेगा कि इसे आगे फॉरवर्ड करें या नहीं।

  • ग्रुप एडमिन यह निर्णय लेंगे कि किसी ग्रुप में संदेश कौन भेज सकता है, कौन नहीं। इससे अवांछित संदेशों या अफवाहों के प्रसार पर रोक लगेगी।

  • किसी अवांछित संदेश के प्रसारित होने पर यूजर उसकी “रिपोर्ट” वॉट्सऐप को दे सकेगा और या उसे ब्लॉक कर सकेगा।

  • लोगों को शिक्षित करने के लिए वॉट्सऐप सामग्री भेजेगी और समाचारों के बारे में साक्षरता के वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे।

  • इस साल वॉट्सऐप ने अफवाहों और फर्जी न्यूज की पहचान के लिए फैक्ट चेकिंग संस्थाओं के साथ मिलकर काम शुरू किया है।

  • कंपनी ने ब्राजील में समाचार चैनलों के साथ मिलकर इस दिशा में काम किया है और इसे भारत में भी दोहराया जा सकता है। 

  • भारत में कंपनी ने एक फैक्ट चेकिंग संस्था बूम लाइव की सेवा देनी शुरू की है।

वॉट्सएप भी टेंशन में

वॉट्सऐप ने कहा है कि वह लोगों की सुरक्षा को लेकर गहराई से चिंतित है और साथ ही उसने फेक न्यूज और अफवाहों के आतंक से लड़ने के कदम उठाए हैं। दुनिया भर में सबसे ज्यादा बेस भारत में रखने वाली वॉट्सऐप के डायरेक्टर ब्रियन हेन्नेसी ने कहा है, “हम हिंसा की इन खौफनाक घटनाओं को लेकर भयभीत हैं और आपने जो अहम मुद्दे उठाए हैं उन पर तेजी से कार्रवाई करना चाहते हैं। हम स्पैम को रोकने में सक्षम हैं जिनमें ऐसी गलत जानकारियां भी शामिल होती हैं, जो अविश्वास और हिंसा को बढ़ावा देती हैं।”

सबको मिलकर करना होगा काम 

वॉट्सऐप ने अपने लेटर में कहा है, “गलत खबरों, गलत जानकारियों और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए सरकार, सिविल सोसाइटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा।” कंपनी के मुताबिक, “हम भारतीय शोधकर्ताओं के साथ समस्या को अच्छी तरह समझने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जिससे फर्जी संदेशों को फैलने से रोका जा सके। हम संदेशों का कॉन्टेंट नहीं देख सकते, इसलिए यूजर के रिपोर्ट और उसे भेजने के तरीके के आधार पर हम कोई संदेश ब्लॉक करते हैं। बड़ी संख्या में भेजे जा रहे संदेशों (जो किसी एक व्यक्ति के वश की बात न हो) की पहचान के लिए मशीनों का इस्तेमाल करते हैं और अवांछित ऑटोमेटेड संदेशों को रोकने की अपनी क्षमता में हम निरंतर सुधार कर रहे हैं।”

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