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दि राइजिंग न्यूज़

लखनऊ।

 

उन्नाव गैंगरेप केस की जांच कर रही CBI को आरोपी BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे सेंगर की इस मामले में संलिप्तता साबित होती है। इसके अलावा मामले में पुलिस द्वारा शुरुआत में लापरवाही बरते जाने के भी सबूत मिले हैं।

 

सीबीआइ का कहना है कि फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट और घटनाक्रम को रिकंस्ट्रक्ट करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि पीड़िता द्वारा लगाया गया गैंगरेप का आरोप सही है। टीम ने अब तक इस मामले में आरोपी विधायक सेंगर, पीड़िता के पिता की पीट-पीट कर हत्या के आरोपी विधायक के भाई अतुल सेंगर, कुलदीप सेंगर की नजदीकी सहयोगी रही महिला शशि सिंह ढेरों लोगों से पूछताछ की है।

इसके अलावा सीबीआइ ने पूरे घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से रीकंस्ट्रक्ट भी किया। पीड़िता ने 164 के तहत दर्ज बयान में घटना का जो ब्यौरा दिया है, वह सीबीआइ द्वारा घटनाक्रम के रिकंस्ट्रक्शन में सही पाया गया।

 

पुलिस की लापरवाही के मिले सुबूत

जांच टीम को मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही के भी सबूत मिले हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि पहली बार दर्ज करवाई गई FIR में पुलिस ने आरोपी विधायक का नाम शामिल ही नहीं किया था। बता दें कि सीबीआइ के पास जांच के लिए इस समय जो मामला है, वह आरोपी विधायक के खिलाफ चौथी FIR थी। इतना ही नहीं केस को लटकाने और आरोपी विधायक को बचाने के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने में भी देरी ।

उन्नाव से सीतापुर जेल शिफ्ट किए गए सेंगर

बीते मंगलवार को आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव से सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सेंगर को सीतापुर जेल शिफ्ट किया गया। दरअसल पीड़िता ने हाईकोर्ट में अपील की थी कि आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से उसकी और उसके परिवार को खतरा है। वह उन्नाव में रहकर इस केस को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उसे उन्‍नाव जेल से यूपी के बाहर शिफ्ट किया जाए। आरोप है कि कुछ जेल अधिकारी भी कुलदीप सिंह सेंगर के रिश्‍तेदार हैं।

 

आरोपी विधायक का भाई भी जेल में बंद

पीड़िता के पिता की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर सहित 5 आरोपी पहले से ही जेल में हैं। इसके अलावा घटना वाले दिन पीड़िता को आरोपी विधायक के पास ले जाने वाली कुलदीप सेंगर की नजदीकी सहयोगी शशि सिंह को भी जेल भेज दिया गया है।

पुलिस पर सीबीआइ को फर्जी शिकायत सौंपने का आरोप

पीड़िता के परिवार ने शुरू में मामले की जांच कर रही स्थानीय पुलिस पर उनकी शिकायत बदलने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि जब केस सीबीआइ के हवाले किया गया तो पुलिस ने उनकी शिकायत को फर्जी तरीके से बदलकर सीबीआई के अधिकारियों को सौंपा ताकि आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष मजबूत हो सके।

 

आरोपी विधायक को बचाने की कोशिश

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से उनकी शिकायत को बदला है। पीडित परिवार के मुताबिक बदली हुई तहरीर में पीडित परिवार की तरफ से फर्जी अंगूठा और दस्तखत भी किए गए हैं। आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बचाने के लिये पीडिता की तहरीर को बदल कर पूरे मामले को बदलने की कोशिश की गई है।

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप किया था। उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी। जब वो थाने में गई तो एफआइआर नहीं लिखी गई। इसके बाद तहरीर बदल दी गई। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई।

 

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

पीड़िता ने कहा, “मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी। उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया। अब तक कुछ नहीं हुआ। दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा। उनको घसीटकर ले गए। पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया। इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है।”

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