Anil Kapoor Will be Seen in The Character of Shah jahan in Next Project

दि राइजिंग न्यूज़

अलवर।

 

गोतस्करी के शक में मारे गए अकबर खान की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उसकी की मौत पुलिस हिरासत में नहीं बल्‍कि भीड़ की पिटाई से हुई थी। रिपोर्ट में सामने आया है कि अकबर की सभी चोट पोस्‍टमॉर्टम करने से 12 घंटे पहले की हैं और तब पुलिस ने उसे हिरासत में नहीं लिया था। 

 

भीड़ ने मार डाला अकबर को

रिपोर्ट के मुताबिक, अकबर का पोस्‍टमॉर्टम दिन में 12:44 पर हुआ। पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अकबर को लगी सभी चोट 12 घंटे पुरानी है। मतलब रात के 12 बजे के करीब की लेकिन, पुलिस के पास गोतस्‍कर पकड़े जाने का पहला फोन 12:41 पर आया था। यानी अकबर की मौत भीड़ की पिटाई से हुई है।

इस बार नया खुलासा

इससे पहले भी पोस्‍टमॉर्टम में खुलासा हुआ था कि अकबर के एक हाथ और एक पैर की हड्डी टूटी हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों का कहना है कि चोट के बाद अंदरूनी रक्तस्त्राव हुआ होगा। रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ है कि पिटाई से अकबर खान की पसलियां भी दो जगह से टूटी हुई थी। पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम में डॉक्टर राजीव कुमार गुप्ता, डॉक्टर अमित मित्तल और डॉक्टर संजय गुप्ता शामिल थे। रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि अकबर के शरीर पर 12 जगह चोट के निशान थे। डॉक्टरों का कहना था कि अकबर को अंदरूनी गंभीर चोट थीं, जिसके चलते शरीर के अंदर रक्तस्त्राव हुआ होगा। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी हालत में कई बार सदमे से भी जान जा सकती है।

 

जांच टीम को सौंपी रिपोर्ट

ये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट केस की जांच टीम को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर कराई गई फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जल्दी मांगी गई है। गौरतलब है कि घटना स्थल पर कीचड़ में संघर्ष के निशान हैं। इस बीच भीड़ से बचकर भागने वाले अकबर खान के साथी असलम ने कहा है कि भीड़ ने पहले उन पर फायरिंग कर उन्हें रोका था। इसके बाद अकबर की पिटाई की गई।

क्या है मामला?

21 जुलाई की रात ललावंडी गांव में गोतस्करी के शक में भीड ने कोलगांव हरियाणा निवासी अकबर को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस अकबर और दोनों गायों को रामगढ थाने ले आई। रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों गायों को थाने से सात किलोमीटर दूर सुधासागर गोशाला में छुड़वाया गया। जबकि घायल अकबर की मौत हो गई।

 

एफआईआर के मुताबिक..

इस मामले में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने बताया कि अकबर और उसका साथी बड़ौदामेव के लाडपुर से दुधारू गाय खरीदकर ललावंडी के रास्ते से कोलगांव लेकर जा रहे थे। इस मामले में जब लाडपुर के मल्ला और सुनने खां के परिजनों से बातचीत की तो, उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गाय नहीं बेची है।

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