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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का चलन बढ़ने से साइबर क्राइम का खतरा भी बढ़ गया है। आज के समय में ट्रेस और जासूसी करना बहुत आसान है। ऐसे में स्मार्टफोन या इंटरनेट का उपयोग करते वक्त बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। आपको बता दें अगर आप सोशल मीडिया में कहीं भी एक्टिव नहीं हैं और केवल वॉट्सऐप पर मौजूद हैं, तब भी आपकी जासूसी की जा सकती है। वॉट्सऐप में आपको मैसेज के रूप में मिला एक फोटो भी आपको खतरे में डाल सकता है।

 

ऐसे रचा जाता है चक्रव्यूह

दरअसल स्टॉकर या साइबर अपराधी आपको किसी अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर मैसेज करेंगे। मैसेज में एक छोटा लिंक दिया गया होगा, जो दिखने में बिल्कुल गूगल के लिंक की तरह ही होगा। इस मैसेज को किसी सेलेब्रिटी की फोटो या किसी खास स्किम का नाम दिया गया होगा, जिसे देखकर लोग आमतौर पर क्लिक कर बैठते हैं।

गलती कर बैठते हैं यूजर्स

लिंक पर क्लिक करने पर यहां कोई फनी फोटो और कोई दूसरी क्लिप हो सकती है। इसके बाद आप इस मैसेज को डिलीट करें या ना भी करें लेकिन आपकी लोकेशन आपने स्टॉकर को दे दी है। होता कुछ यूं है कि स्टॉकर मल्टिमीडिया फाइल का एक मास्कड लिंक बनाता है। ये लिंक IP लॉगर क्लाइंट के जरिए तैयार किए जाते हैं।

 

...और शिकार बन जाते हैं आप

इंटरनेट पर ढेरों IP लॉगर वेबसाइट्स मौजूद हैं, इन्हें गूगल किया जा सकता है। यहीं लिक्स आपको मैसेज के रूप में भेजे जाते हैं और मैसेज ऐसे होते हैं जिन्हें देखकर आप क्लिक करने पर मजबूर हो जाएं। लिंक पर क्लिक करते ही आपका IP एड्रेस स्टॉकर के पास पहुंच जाता है। इसके बाद जासूसी करने वाला IP ट्रैकर की मदद से आपकी लोकेशन की जानकारी इकट्ठी कर सकता है।

ये ट्रैकर आपके जिले का नाम, गांव का पता और आपके सबसे पास के मोबाइल टावर का पता भी बता सकता है। ऐसी जानकारियां इकट्ठी कर कोई भी आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अनजान मैसेज में मिले किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले दस बार सोच लें।

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