Home Top News Supreme Court Warned Lawyers For Louder Speech And Misbehaviour

केंद्र पूर्वोत्तर में 4 हजार किलोमीटर के नेशनल हाईवे को मंजूरी दे चुका है: PM मोदी

रायबरेली से मैं नहीं मेरी मां चुनाव लड़ेंगी: प्रियंका गांधी

दिल्ली पुलिस ने पकड़े शातिर चोर, कार की चाबियां और माइक्रो चिप जब्त

देश की जनता कांग्रेस के साथ नहीं, खत्म हो रही है पार्टी: संबित

जल्द ही CCTV दिल्ली में लग जाएंगे, टेंडर पास: केजरीवाल

SC की वकीलों को चेतावनी- ऊंची आवाज में बहस बर्दाश्त नहीं

Home | 07-Dec-2017 20:55:29 | Posted by - Admin
  • वकीलों के ऊंचे स्‍वर में बहस से सख्‍त नाराज है एससी
   
Supreme Court Warned Lawyers For Louder Speech And Misbehaviour

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट वकीलों की ऊंची आवाज में बहस करने से सख्‍त नाराज है। अयोध्या केस, दिल्ली सरकार बनाम राज्यपाल सहित कुछ अन्य मामलों में वरिष्ठ वकीलों के एक समूह के बर्ताव पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि ऊंची आवाज में दलीलें पेश करना यह दर्शाता है कि वकील के पास बहस करने के लिए पर्याप्त तथ्य नहीं हैं। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने उन्हें चेताया कि बार इसे नियंत्रित करे नहीं तो हमें नियंत्रित करना होगा।

 

 

दरअसल, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पांच सदस्यीय संविधान पीठ एक पारसी महिला के दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी कर लेने के बाद उसकी धार्मिक पहचान के सवाल पर सुनवाई कर रही थी, लेकिन इस दौरान उन्होंने विवादित ढांचा विध्वंस और दिल्ली-केंद्र विवाद जैसे मामलों में वरिष्ठ वकीलों की ऊंची आवाज में दलीलें पेश करने को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई।

 

चीफ जस्टिस ने कहा, बुधवार को वरिष्ठ वकील का बर्ताव घटिया था और इसके एक दिन पहले का बर्ताव तो बेहद घटिया था। यह दु:खद है कि कुछ वरिष्ठ वकीलों को ऐसा लगता है कि वे अपना स्वर ऊंचा कर सकते हैं लेकिन इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अक्षमता भी साबित करता है और वे वरिष्ठ वकील के लिए फिट नहीं हैं।

 

 

दरअसल, मंगलवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, राजीव धवन और दुष्यंत दवे ने अदालत पर ही सवाल उठाया था। धवन ने चीफ जस्टिस से कहा था कि आपके कार्यकाल तक इस मामले की सुनवाई खत्म नहीं होगी।

वहीं बुधवार को दिल्ली बनाम उपराज्यपाल मामले में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ वकील राजीव धवन पांच सदस्यीय संविधान पीठ को अपनी दलीलें सुनने के लिए बाध्य कर रहे थे जबकि इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी थी।

 

धवन ने तो यह भी कहा कि अगर वह यह केस हार भी जाएं तो उन्हें इसकी परवाह नहीं। पिछले दिनों जजों के नाम पर रिश्वत मामले की सुनवाई के दौरान भी वकीलों और पीठ के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी।

 

 

सुब्रह्मण्यम ने उठाया था मामला

बृहस्पतिवार को पारसी महिलाओं के धार्मिक अधिकारों को लेकर सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय पीठ के समक्ष वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मणयम ने यह मसला उठाते हुए कहा कि हममें से कुछ वकील सही बर्ताव नहीं कर रहे हैं। सेल्फ रेग्यूलेशन जरूरी है।

इस पर पीठ ने कहा कि हम आपकी भावनाओं को समझ सकते हैं। अगर बार ने इसे रेग्यूलेट नहीं किया तो रेग्यूलेट करना हमारी मजबूरी हो जाएगी।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news




sex education news