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दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

लगातार महंगाई की मार झेल रहे लोगों को अभी भी राहत नहीं है। महंगे खाद्य पदार्थों खासकर सब्जियों की ऊंची कीमतों के कारण अक्तूबर महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.58 फीसदी रही, जो सात माह का उच्च स्तर है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) आधारित महंगाई दर सितंबर महीने में 3.28 फीसदी थी।

 

 

बीते साल अक्तूबर में खुदरा महंगाई दर 4.2 फीसदी थी। इससे पहले, यह इस साल मार्च माह में 3.89 फीसदी के उच्च स्तर पर थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर माह में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर बढ़कर 1.9 फीसदी रही। सितंबर माह में यह 1.25 फीसदी थी।

 

 

सब्जियों के मूल्यों में वृद्धि दर लगभग दोगुनी बढ़कर 7.47 फीसदी रही, जबकि सितंबर माह में यह 3.92 फीसदी थी। प्रोटीन से प्रचूर खाद्य पदार्थों जैसे अंडे तथा दूध (एवं उसके उत्पाद) भी महंगे रहे। फल हालांकि सितंबर की तुलना में अक्तूबर महीने में सस्ता रहा।

 

 

दालों की कीमतों में गिरावट बरकरार रही और अक्तूबर माह में यह 23.13 फीसदी रही। सितंबर माह में यह 22.51 फीसदी थी। महीना दर महीना के आधार पर ईंधन तथा बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आवास क्षेत्र में भी महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अब सबकी निगाहें 5-6 दिसंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की छठी द्विमासिक बैठक पर टिकी होंगी।

 

 

खुदरा महंगाई में जून के बाद से बढ़ोतरी निरंतर जारी है, जबकि अक्तूबर माह के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) में गिरावट दर्ज की गई है। आरबीआइ द्वारा नीतिगत दरें तय करने में सीपीआइ अहम भूमिका निभाती है।

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