Ali Asgar Faced Molestation in The Getup of Dadi

दि राइजिंग न्यूज़

चेन्नई।

 

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम करुणानिधि का मंगलवार शाम निधन हो गया। करुणानिधि के निधन के साथ ही तमिलनाडु समेत पूरे देश में शोक की लहर है। राज्य में एक दिन का अवकाश और सात दिन का शोक घोषित किया गया है। करुणानिधि के निधन की खबर आते ही डीएमके समर्थक सड़कों पर रोते और बिलखते नजर आए। करुणानिधि के निधन के बाद उनको दफनाने को लेकर भी विवाद हुआ। करुणानिधि की पार्टी और उनके समर्थकों ने मांग की है कि उन्हें चेन्नई के मशहूर मरीना बीच पर दफनाया जाए और उनका समाधि स्थल भी बने लेकिन तमिलनाडु सरकार ने ऐसा करने से इनकार किया है। इसी को लेकर आज सुबह मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मद्रास हाईकोर्ट ने मरीना बीच पर ही करुणानिधि के अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी है।

 

सबसे पहले मरीना बीच पर इनकी समाधि बनाई गई थी

आपको बता दें कि चेन्नई के मशहूर मरीना बीच वर्तमान में तमि‍लनाडु के 3 पूर्व मुख्‍यमंत्र‍ियों की समाधि है। ऐसे में डीएमके चाहती है कि करुणानिधि की समाधि‍ भी वहीं बने। तमिलनाडु के मरीना बीच पर दफन होने वाले सबसे पहले नेता सीएन अन्नादुरई थे। कान्जीवरम नटराजन अन्नादुराई की मौत 3 फ़रवरी, 1969 को हुई थी। अपनी मौत के समय अन्नादुराई तमिलनाडु के सीएम थे। सीएन अन्नादुराई तमिलनाडु के लोकप्रिय नेता, भारत के प्रथम गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री एवं “द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम”(डीएमके) पार्टी के संस्थापक थे। साथ ही वह DMK प्रमुख एम करुणानिधि के राजनीतिक गुरु भी थे।

मरीना बीच पर दूसरी समाधि एमजीआर मेमोरियल

मरीना बीच पर दूसरी समाधि एमजीआर मेमोरियल है। यह समाधी तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) की है। राजनीति में आने से पहले एमजीआर तमिल फिल्मों के बेहद लोकप्रिय अभिनेता थे। 1953 तक वह कांग्रेस पार्टी में थे लेकिन बाद में उन्होंने सीएन अन्नादुराई की पार्टी डीएमके जॉइन कर ली। अन्नादुराई की मौत के बाद और पार्टी में एम करुणानिधि के उभार के बाद एमजीआर ने अपनी अलग पार्टी एडीएमके बना ली। तमिल राजनीति में जबर्दस्त सफलता अर्जित करते हुए एमजीआर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे और अपनी मृत्यु तक एक सफल राजनीतिज्ञ रहे। एमजीआर की मौत तमिलनाडु के सीएम रहते हुए 24 दिसंबर 1987 को हुई थी।

 

जयललिता की भी समाधि मरीना बीच पर

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके की पूर्व प्रमुख जे जयललिता को भी मरीना बीच पर एआईएडीएमके के संस्थापक और जया के मेंटर एमजीआर की समाधि‍ के पास दफनाया गया था। 5 दिसंबर 2016 को जब जयललिता की मौत हुई थी, तब वे भी तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री थीं।

करुणानिधि की भी समाधि मरीना बीच पर हो

ऐसे में कोर्ट में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने डीएमके की मरीना बीच पर करुणानिधि‍ को दफनाने की मांग के खिलाफ हलफनामा दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि हमने दो एकड़ जमीन और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का वादा किया है। करुणानिधि के पार्थिव शरीर को मरीना बीच पर दफनाने को लेकर कई नेताओं ने भी मांग का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्ष के नेता ऐसी मांग कर रहे हैं। करुणानिधि को मरीना बीच में दफनाए जाने का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “जयललिता की तरह करुणानिधि भी तमिल लोगों की आवाज थे। लिहाजा उनको मरीना बीच में दफनाने की जगह दी जानी चाहिए। मुझे विश्वास है कि तमिलनाडु के मौजूदा नेता इस दुख की घड़ी में उदारता दिखाएंगे।”

 

तमिलनाडु सरकार का पक्ष भी जानिए

हालांकि तमिलनाडु सरकार का पक्ष है कि जिनकी भी समाधि मरीना बीच पर है, उन सभी की मौत तमिलनाडु के सीएम रहते हुई थी। हालांकि करुणानिधि वर्तमान में तमिलनाडु के सीएम नहीं थे। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि जब करुणानिधि मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने जानकी रामाचंद्रन को भी मरीना बीच पर जगह नहीं दी थी। डीएमके सरकार के द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ का विरोध नहीं कर सकती है। आपको बता दें कि जानकी रामाचंद्रन सात जनवरी 1988 से 30 जनवरी 1988 तक तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रही थीं।

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