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दि राइजिंग न्यूज़

जयपुर।

 

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए ड्रेस कोड बनाए जाने का फैसला रद्द कर दिया है। इसके लिए उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगाई।

 

वहीं छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू होने पर वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर लिखा- “कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने छात्र प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए कॉलेज में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने के निर्देश जारी किये थे, लेकिन जब मुझे मालूम हुआ कि कई छात्राएं इस फैसले से सहमत नहीं हैं जिसके चलते अब कॉलेज में यूनिफॉर्म पहनना स्वैच्छिक किया जाता है।”

क्या था मामला

8 मार्च यानी इंटरनेशनल महिला दिवस के दिन राजस्थान सरकार ने कॉलेज जाने वाली 1 लाख 86 हजार लड़कियों के जींस पैंट और टी शर्ट पहने पर पाबंदी लगा दी थी और ड्रेस कोड लागू करने का आदेश दिया था। ये आदेश शिक्षण सत्र 2018-19 से लागू करने का फैसला किया गया था।

 

राजस्थान सरकार की तरफ से जारी फॉर्मेट में लड़कियों के ड्रेस के लिए सलवार कमीज और साड़ी तय की गई थी। यदि ये नियम लागू होता तो कॉलेज में लड़कियां जींस-पैंट और टी-शर्ट या फिर कोई भी फैशनेबल ड्रेस नहीं पहन पातीं। फिलहाल अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है कि लड़कियां कॉलेज में किस तरह के कपड़े कर जा सकती हैं।

ये थी वजह ड्रेस कोड लागू करने की वजह

राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण महेश्वरी ने कहा कि अलवर और जयपुर में गुरु शिष्य संवाद में छात्रों की ओर से ही ये बात सामने आई थी कि कॉलेज में पासआउट छात्र और बाहरी छात्र आ जाते हैं जिससे कॉलेज का माहौल खराब होता है और अनुशासनहीनता होती है। इन शिकायतों को देखते हुए तय किया गया था कि आगामी सत्र यानी 2018-2019 में ड्रेस कोड लागू किया जाए।

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