Home Top News Press Conference Of Supreme Court Judges

बीजिंग: सुषमा स्वराज ने किर्गिजस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की

अमरेली: SP जगदीश पटेल को CID क्राइम ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

VHP अध्यक्ष कोकजे बोले- राम मंदिर पर हमारे पक्ष में आएगा फैसला

वेंकैया नायडू ने CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज किया

आज महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी कांग्रेस

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने पहली बार मीडिया में उठाए सवाल, CJI भी देंगे जवाब

Home | Last Updated : Jan 12, 2018 11:37 AM IST
   
Press Conference of Supreme Court judges

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा चार जजों ने मीडिया को एक साथ संबोधित किया हो। चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है। सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी।

 

 

लाइव अपडेट्स:

 

  • यूपीए सरकार में कानून मंत्री रह चुके अश्विनी कुमार ने जज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कहा कि ये न्यायपालिका की छवि के लिए बड़ा नुकसान है।

  • वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने इस पूरे मामले पर कहा कि ये न्यायपालिका के लिए काला दिन है। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हर कोई न्यायपालिका के फैसले को शक की निगाहों से देखेगा। उन्होंने कहा कि अब से हर फैसले पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे।

  • सात पन्नों की चिट्ठी में कई विवादों का जिक्र किया गया है। चिट्ठी में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर मनमाने रवैये का जिक्र किया गया है। चीफ जस्टिस और इन चार वरिष्ठ जजों के बीच अधिकारों को लेकर विवाद है। विवाद यह है कि केस किसके पास जाए, ये तय होने का अधिकार दिया जाना चाहिए। चिट्ठी में गुजरात का सोहराबुद्दीन एनकाउंटर को लेकर भी विवाद का जिक्र है।

  • जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चीफ जस्टिस ने बुलाई बैठक।

  • सीजेआइ पर जज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी बोले- पीएम मोदी को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

  • सिटिंग जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुंरत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और राज्य मंत्री पीपी चौधरी को तलब किया है। बताया जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती इसी वजह से कानून मंत्री को बुलाकर पीएम जरूरी दिशा-निर्देश दे सकते हैं।

 

 

उन्होंने कहा कि अगर हमने देश के सामने ये बातें नहीं रखी और हम नहीं बोले तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हमने चीफ जस्टिस से अनियमितताओं पर बात की। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले हम सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे।

 

 

 

चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं। जजों ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए। यही पहली बार है कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे।


"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555




Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


Most read news


Loading...

Loading...