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नर्सरी के जरिए चारागाह पर ‍निगाहें

Campus Corner Lucknow | 28-Oct-2016 06:45:24 PM | Posted by - Admin

  • लविवि छात्रसंघ में बाहुबल दिखाने लगे छात्र
  • राजनैतिक दलों से जुड़ने की लालसा में दिखा रहे दम
   
political activity in lucknow

दि राइजिंग न्यूज

28 अक्टूबर, लखनऊ।

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ यानी राजनीति की नर्सरी। करीब दस साल बाद लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की सुगबुगाहट है। वह भी प्रदेश के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले। ऐसे में राजनैतिक दलों व नेताओं का सपोर्ट पाने के लिए छात्रनेता भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रचार से लेकर बाहुबल प्रदर्शन को लेकर कई छात्र नेता चर्चा में है। शायद यही वजह है कि पिछले लंबे समय से शांत रहने वाला विश्वविद्यालय का माहौल भी धीरे धीरे गर्माने लगा है। मुख्यमंत्री से लेकर कई पूर्व छात्रसंघ नेता आज मंत्री पद पर हैं। वे लविवि में नजर लगाए हुए हैं, जिससे छात्रसंघ की नर्सरी एक बार फिर मजबूती से रोपी जा सके। छात्रसंघ चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी जोरशोर से चल रही हैं। अलग-अलग दलों के माननीय, नेतागण व दावेदार छात्रों के जरिये अपने चुनाव का गणित बना रहे हैं। मंशा साफ है कि अपना समर्थक भले कुछ करें उनका साथ देना और उन पर अपना विश्वास जमाना। चाहत है कि उसका साथ निभाया जा सके जिससे दल-बल का सपोर्ट मिले और विधानसभा चुनाव में इन छात्रों का इस्तेमाल किया जा सके।


विधानसभा चुनाव के लिए युवाओं को साथ लेकर चलना हर राजनीतिक दल के लिए मजबूरी है इस लिहाज से समाजवादी पार्टी हो या भाजपा। दोनों दलों के नेता छात्र संघ चुनाव में पूरा दमखम दिखा रहे हैं। समाजवादी पार्टी की यूथ विंग समाजवादी छात्र सभा कई मामले मुख्यमंत्री के जरिये चुनाव की पहल कराकर पहले ही अपना काम कर चुकी है। जबकि भाजपा का छात्र परिषद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चुनाव को लेकर बेहतर रणनीति ‍बनायी। पहले बड़े नेताओं के जरिये अधिकारियों व मंत्रियों पर दबाव बनाना और फिर विवि को तैयार कर अच्छी रणनीति बनायी। अपने चहेतों को टिकट के लिए लॉबिंग, फिर कहीं मारपीट या नियमों के उल्लंघन पर पुलिस पकड़ ले तो वरिष्ठ अधिकारियों को फोन। प्राक्टर पर रोक दिखाना। अभी हाल में चुनाव को लेकर जब हॉस्‍टल में गोली चली और दूसरे ‍दिन विवि में अराजकता फैलाने में छात्रों ने अपने आप को बाहुबली के रूप में पेश किया और गोली कांड के बाद जिस प्रकार से छात्रों को राजनीति संरक्षण मिला और नेताओं ने पैरवी की उससे साफ है कि लविवि में अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गयी है। दरअसल इस बार छात्रसंघ चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव की भी बारी है। इस समय तो दावेदार भी अपने समर्थकों की भक्ति कर रहे हैं। ऐसे में अपने भविष्य के लिए उन्हें समर्थकों के साथ खड़ा होना भी मजबूरी बन गया है।


पार्टी कलह में छात्रों का हुड़दंग

बतादें कि ‍समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर ‍अखिलेश यादव के पक्ष में नारा जय अखिलेश लगाने वाले व पुलिस की नाक में दम करने वाले नेता लविवि के ही थे। ये वे छात्र नेता है जो अपनी छवि मुख्यमंत्री की नजर में अच्छा करके आगे की जमीन तलाश रहे हैं। इसी प्रकार परिसर में टॉवर पर चढ़ने वाले छात्र नेता का मकसद भी यही रहा ‍कि किस प्रकार बड़े नेताओं की निगाह में चढ़े। इसी प्रकार छात्र हुंकार रैली के जरिये एबीवीपी के कार्यकर्ता बढ़चढ़ कर अपनी भागीदारी निभाते रहे हैं। गिनती के पांच छात्र लगातार आगे रहकर भाजपा के बड़े नेताओं की ‍निगा में आते रहे है और नर्सरी के जरिये अपनी नींव मजबूत कर विधान सभा के चुनाव पर नजर लगाये हुए हैं। इसी प्रकार बड़े नेता भी चाहते हैं कि कुछ अच्छे कार्यकर्ता लविवि के जरिये ‍मिल जाये तो आगे विधान सभा चुनाव व अखिलेश की यात्रा में काफी काम आ सकते हैं। यही कारण है कि लविवि चुनाव के जरिये विधान सभा चुनाव की जमीन तैयार की जा रही है ‍जिससे मजबूत नर्सरी तैयार करके विधान सभा चुनाव में चारागाह बनाया जा सके। वहीं डीयू और हैदराबाद में रोहित बेमुला मामले के जरिए वामपंथ भी छात्रों को लामबंद करने की कवायद में लगा हुआ।

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