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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में PIO संसदीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसद और 17 मेयर के शामिल हुए।

 

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  • PM मोदी ने कहा कि मैंने  कुछ समय पहले योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसका भरपूर समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि जब नेपाल में भूकंप आया, तो भारत ने कदम उठाए और मदद की।

  • अप्रवासी भारतीय सांसदों से पीएम ने कहा कि जैसा पहले था, वैसे ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं, इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है। भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं। व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का, एक irreversible change का परिणाम आपको हर सेक्टर में नजर आएगा।

  • पीएम ने कहा कि आप लोग लंबे समय से अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है। हम पर फोकस बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, ट्रांसफॉर्म हो रहा है।

  • अप्रवासी भारतीय सांसदों पीएम ने कहा कि राजनीति की बात करूं तो, मैं देख ही रहा हूं कि कैसे भारतीय मूल की एक Mini World Parliament मेरे सामने उपस्थित है। आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं। भारतीय मूल के लोग और भी बहुत से देशों में Head of State और Head of Government रह चुके हैं। पिछले सालों में भारत में विदेशी निवेश में काफी इजाफा हुआ है। पिछले तीन-चार सालों में दुनिया का फोकस दुनिया पर बढ़ा है।

  • अप्रवासी भारतीय सांसदों पीएम ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि भारतीय मूल के प्रवासी जहां भी गए, वहीं पूरी तरह integrate हो कर, उस जगह को अपना घर बना लिया। उन्होंने जहां एक तरफ खुद में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, वहां के खान-पान, वहां की वेश-भूषा में भी पूरी तरह घुल-मिल गए।

 

PM मोदी ने कहा- आपके पूर्वज अपनी आत्मा का एक अंश इसी मिट्टी में छोड़ गए। कुछ लोगों को बहला-फुसलाकर ले जाया गया। ये लोग भले ही यहां से चले गए, लेकिन अपनी आत्मा का एक अंश इसी मिट्टी पर छोड़कर गए थे। आज आपको यहां देखकर आपके पूर्वज यहां देखकर सर्वाधिक खुश हुए होंगे।

PM मोदी ने सुझाया था आइडिया: सुषमा

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है, अटल जी की सरकार से इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी 9 जनवरी को अफ्रीका से वापस लौटे थे, इसलिए इस दिन को चुना गया था। 2003 से आज तक ऐसा नहीं हुआ कि जिसमें भारतीय मूल के जनप्रतिनिधियों को बुलाया हो, ये आइडिया पीएम मोदी का था। जिसके बाद इसी साल हमने इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

 

सुषमा ने कहा कि न्यूयॉर्क का मौसम ठीक नहीं था, जिसके कारण कुछ सांसदों के ना आने का डर था। फिर भी सभी लोग उपस्थित हैं, ये काफी खुशी की बात है। सुषमा ने इस दौरान 'गिरमिटिया' होने की कहानी बताई और कहा कि इसी कारण कार्यक्रम का थीम "संघर्ष से संसद" तक का सफर रखा है। सुषमा ने इस दौरान कार्यक्रम की थीम और कार्यक्रम की जानकारी दी।

आपको बता दें कि हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है, इसका मकसद विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों को सम्मानित करना होता है। बीते कई सालों से सरकार प्रवासी भारतीय दिवस मना रही है लेकिन यह पहली बार है कि PIO-पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है।

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