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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

अगर आपने भी किसी दूसरे से अपना एटीएम पिन साझा किया है तो... सावधान हो जाइये...ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इससे अगर आपका पैसा कहीं भी फसता हैं तो आपकी मदद न तो बैंक कर पायेगा और ना ही अदालत। अक्सर पत्नियां अपना अकाउंट नं, एटीएम पिन आदि जैसी हर एक चीज़ पति को बता देतीं हैं। कभी अचानक कैश की जरूरत पड़ने पर कोई भी अपने विश्वास पात्र को एटीएम और उसका पिन बताकर पैसे निकालने भेज देता है, लेकिन इस घटना को जाननें के बाद शायद आप ऐसा कभी न करें। इस मामले में एक दंपति को 25,000 का चूना लगा। केस से बैंक ने भी पीछा छुड़ा लिया और अदालत ने भी पीड़ितों के खिलाफ फैसला दिया।  

अजीबो-गरीब किस्सा है ये

नियम के मुताबिक, एटीएम पिन कंट्रोवर्शियल होता है। उसे एकाउंट धारक किसी के साथ भी शेयर नहीं कर सकता। किसी को भी उसे प्रयोग करने की इजाजत नहीं होती। इस मामले में एक महिला ने अपने पति को एटीएम और पिन कार्ड देकर 25,000 रुपए निकालने को कहा। पति इलाके में एसबीआइ एटीएम ढूंढता हुआ पहुंचा। एटीएम पहुंच कर उन्होंने कार्ड स्वैप किया, सारी प्रोसेसिंग की, लेकिन मशीन से केवल रसीद बाहर आई।

 

नो कैश...सिर्फ स्टेटमेंट

रसीद में पता चला कि पैसा निकल गया है। हालांकि पैसे एटीएम सेनहीं निकले।परमेश (पति का बदला हुआ नाम) ने तुरंत बैंकके कस्टमर केयर में फोन कर इस बात की जानकारी दी। इसके बाद वे बैंक की ब्रांच भी गए और शिकायत दर्ज कराई। लेकिन उन्हें उस वक्त झटका लगा जब बैंक ने कुछ दिनों में केस को यह कहते हुए बंद कर दिया कि ट्रांजैक्शन सही था और ग्राहक को पैसा मिल गया। 

खटखटाया गया अदालत का दरवाज़ा

मामला कोर्ट में गया। केस ने तब तूल पकड़ा जब परमेश ने एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज को हासिल किया, जिसमें यह दिखाई दिया कि मशीन से पैसा नहीं निकला।फुटेज के साथ शिकायत करने पर बैंक की जांच समिति ने पीड़ित की मांग को ठुकरा दिया और कहा कि खाताधारक निशा (पत्नी का बड़ा हुआ नाम) फुटेज में नहीं दिख रही हैं और उनकी जगह कोई दूसरा (पति) पैसा निकालते नजर आ रहे हैं। बैंक ने स्पष्ट तौर पर कह दिया कि पिन साझा किया गया, इसलिए केस बंद।

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