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दि राइजिंग न्‍यूज ब्‍यूरो

10 जनवरी, लखनऊ।

समाजवादी कुन्‍बा भले ही दो खेमों में बंट गया हो लेकिन लेकिन इस परिवार की दो बच्चियां इस सियासी जंग से बेपरवाह होकर दोनों खेमों में रौनक लाती रहती हैं और शांति और सुलह बहाली की उम्मीदें जगाती रहती हैं।

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जहां दोनों गुटों में कभी सुलह और कभी नाराजगी बनी हुई है, ऐसी स्थिति के बीच संवाद का बीड़ा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी 15 वर्षीय अदिति और 10 वर्षीय टीना ने उठाया है।

खबर के मुताबिक कुछ दिनों पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपनी 10 वर्षीय पोती टीना को चिढ़ाते हुए कहा कि तुम्हारा बाप बहुत जिद्दी है। यह सुनते ही थोड़ी ही देर में टीना ने जाकर अपने पिता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हु-ब-हू संवाद सुना दिया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहाहांवो तो है। अखिलेश और डिंपल यादव की बेटियां सियासी खींचतान की परवाह किए बिना अक्सर अपने दादा मुलायम सिंह से मिलने पहुंच जाती है।

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गौरतलब है कि अगले महीने उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव है और समाजवादी कुनबे में पार्टी पर वर्चस्व की लड़ाई जारी है। दोनों गुट फिलहाल चुनावी सभाओं से परहेज किए हुए है। दोनों की नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल किसे मिलता है।

इसबीच रह रहकर दोनों धड़ों में सुलह की भी कोशिशें होती रही हैं। एक तरफ मुलायम सिंह यादव के साथ छोटे भाई शिवपाल यादव और अमर सिंह हैं तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ दूसरे चाचा रामगोपाल यादव हैं। पार्टी का एक बड़ा तबका भी अखिलेश की ही तरफ है। लेकिन जब तक आयोग यह तय नहीं कर देता कि कौन सा धड़ा असली सपा हैतबतक चुनावी सरगर्मियों के बीच भी सपा में उदासी का आलम छाया हुआ ही रहने वाला है।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से समर्थक विधायकोंविधान पार्षदोंसांसदों और पार्टी प्रतिनिधियों का हस्ताक्षरयुक्त हलफनामा सौंपने को कहा था। अखिलेश गुट पहले ही 1.5 लाख पन्नों का हलफनामा सौंप चुका है। मुलायम सिंह ने भी सोमवार को मिलकर चुनाव आयोग में अपने समर्थकों की लिस्ट और उनके हलफनामे सौंप दिए हैं। अब आयोग को इस पर फैसला करना है।

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