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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

राफेल पर रण तेज होता जा रहा है। बुधवार को संसद के बजट सत्र का आखिरी दिन है, ऐसे में विपक्ष के उठ रहे सवालों के बीच मोदी सरकार लोकसभा में राफेल विमान सौदे पर कैग (CAG) रिपोर्ट को पेश कर सकती है। लोकसभा से पहले सरकार ने राज्यसभा में CAG रिपोर्ट को पेश किया है। केंद्रीय मंत्री पी. राधाकृष्णन ने इसे पेश किया।

 

राज्यसभा में पेश CAG रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने जो राफेल विमान की डील की है, वह सस्ती है। रिपोर्ट के अनुसार, राफेल डील 2.86 फीसदी सस्ती है। हालांकि, बिल्कुर तैयार अवस्था में राफेल की कीमत UPA सरकार के जितनी ही है। हालांकि, रिपोर्ट में विमान के दाम नहीं बताए गए हैं। CAG की रिपोर्ट से मोदी सरकार का वो दावा भी खारिज होता है, जिसमें कहा गया था कि मोदी सरकार ने राफेल विमान 9 फीसदी सस्ते खरीदे हैं।

सरकार की CAG रिपोर्ट में क्या है?

आपको बता दें कि कैग रिपोर्ट में भारतीय एयर फोर्स की कई डील के बारे में जानकारी साझा की गई हैं। इन्हीं में राफेल डील भी एक हिस्सा है। कैग की इस रिपोर्ट में राफेल विमान के दामों के बारे में नहीं बताया गया है, जबकि विपक्ष दाम के मुद्दे पर ही केंद्र सरकार को घेर रहा है। रिपोर्ट में डिफेंस डील के हर पैरामीटर को परख कर आंकड़े दिए गए हैं।

रिपोर्ट के बड़े प्वाइंट्स

  • रिपोर्ट में दामों को साफ तौर पर तो नहीं बताया गया है, लेकिन राफेल सौदे के दौरान मार्केट के क्या हालात थे और बाजार में किस तरह के दाम चल रहे थे, उनके बारे में भी बताया गया है।

  • राफेल सौदा CAG की रिपोर्ट का महज एक हिस्सा है। CAG ने एक साथ अब तक के वायु सेना के 11 रक्षा खरीद सौदों की ऑडिट की है।

  • इस रिपोर्ट में रक्षा खरीद के सभी पैरामीटर के आधार पर राफेल डील का मूल्यांकन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक सीएजी ने रक्षा खरीद सौदों का एक तुलनात्मक मूल्यांकन किया है।

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