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दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

सोमवार को हैदराबाद मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले एनआइए के जज ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफा के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि जज रवींद्र रेड्डी ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया है।

बता दें कि कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में असीमानंद मुख्य आरोपी थे। इस मामले में एनआइए ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले को पढ़ेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

आपको बता दें कि इस धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। मामले में 10 आरोपियों में से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें नबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद का नाम भी शामिल है। जिन आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनाई गई थी उसमें से स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भरत भाई जमानत पर बाहर हैं और तीन लोग जेल में बंद हैं। एक आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान हत्या कर दी गई थी।

सीबीआइ ने सबसे पहले असीमानंद को गिरफ्तार किया था

दो और आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया है कि उनकी भी हत्या कर दी गई है। ब्लास्ट मामले में सीबीआइ ने सबसे पहले 2010 में असीमानंद को गिरफ्तार किया था, लेकिन 2017 में उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी। उन्हें 2014 के समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में भी जमानत मिल गई थी।

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