Jhanvi Kapoor And Arjun Kapoor Will Seen in Koffee With Karan

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

थाईलैंड में गुफा में फंसे 12 बच्चों व उनके फुटबॉल कोच को बचाने के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। बचाव कार्य के लिए पहुंचे एक नेवी सील कमांडों की मौत हो गई है। हालांकि, राहत बचाव कार्य अभियान जारी है। बचाव दल को प्रतिकूल मौसम का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन बाद वहां एक हफ्ते तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

 

घटना से जुड़े कुछ अपडेट्स

  • बच्चों को बचाने में मदद करते हुए ऑक्सीजन की कमी के कारण सेना के एक पूर्व नेवी सील की मौत हो गई। इससे इसी रास्ते से युवाओं को निकालने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

  • चिआंग राय के डिप्टी गवर्नर पास्साकोर्न बूनयालक ने कहा, “स्वेच्छा से मदद करने वाले एक पूर्व नेवी सील की गुरुवार रात करीब 2 बजे मौत हो गई।”

  • गोताखोर की पहचान समन कुनोंत के रूप में हुई है। कुनोंत थाम लुआंग गुफा के भीतर एक स्थान से वापस आ रहे थे तभी उन्हें ऑक्सीजन की कमी हो गई।

  • थाई सील के कमांडर एपाकोर्न यूकोंगकाव ने कहा, “वापस लौटते समय पूर्व नेवी सील बेहोश हो गया, जिन्हें बचाने की कोशिश की गई लेकिन बचाया नहीं सका।”

  • यह पूछे जाने पर कि अगर एक अनुभवी गोताखोर बाहर नहीं निकल पाया तो लड़के कैसे सुरक्षित बाहर निकल पाएंगे , इस पर एपाकोर्न ने कहा कि वे बच्चों के साथ ज्यादा एहतियात बरतेंगे।

पानी के बीच गुफा में फंसे हैं बच्चे

बता दें कि बच्चे चिआंग राय प्रांत के थाम लुआंग गुफा में फंसे हुए हैं, वहां से निकलना बेहद मुश्किल है क्योंकि वहां चारों तरफ पानी फैला हुआ है, रास्ता बेहद संकरा है, वहां अंधेरा है और कीचड़ होने के कारण वहां से बाहर आने के लिए उन्हें बेहद मशक्कत करनी पड़ेगी। भारत ने भी राज्य सरकार को मदद करने की पेशकश की है।

 

चिआंग राय के गवर्नर नारोंगसाक ओसोथानकोर्न ने गुरुवार सुबह कहा, “पहले हमारे सामने समय को लेकर चुनौती थी लेकिन अब मौसम चुनौती बना हुआ है।” चिआंग राय क्षेत्र में जल्द ही भारी बारिश होने की संभावना है जिससे जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे थाम लुआंग गुफा परिसर में बच्चों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

 

चिआंग राय में बीते कुछ दिनों में मौसम शुष्क रहा है। बचावकर्ता विचार कर रहे हैं कि समूह को सुरक्षित कैसे बाहर निकाला जाए। नारोंगसाक के अनुसार, अगर बारिश रुक जाती है तो संभावना है कि समूह थाम लुआंग गुफा परिसर से बाहर निकल सकता है।

गुफा के प्रवेश द्वारा से लेकर जिस स्थान पर बच्चों और उनके कोच ने शरण ली है, उस स्थान तक पहुंचने में 11 घंटे का समय लगता है। इसमें छह घंटे जाने और पांच घंटे लौटन में लगते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार तक लगभग 128 मिलियन लीटर पानी को पंप के जरिए बाहर निकाला गया।

 

गोताखोरी भी आसान नहीं

बचाव कार्यों के विशेषज्ञ यह सलाह भी दे रहे हैं कि पानी में मलबा और पेड़ों की ढेरों शाखाएं हो सकती हैं, जिससे बच्चों को चोट भी लग सकती हैं। तैराकी के अलावा बच्चों तक पहुंच के लिए इस पहाड़ी क्षेत्र में खुदाई एक अन्य विकल्प हो सकता है, जो कि बेहद कठिन है क्योंकि इसके लिए भारी औजार चाहिए होंगे। साथ ही वहां पर सटीक जगह पर खुदाई करके बच्चों तक पहुंच बनाना मुश्किल है क्योंकि हो सकता है कि खुदाई करने पर जो रास्ता बने वो कहीं और भी जा सकता है।

 

कम नहीं हो रहा पानी

गुफा के अंदर पानी बढ़ने से रोकने के लिए प्रवेशद्वार को बंद कर दिया गया है। थाई नेवी गुफा के अंदर जमा पानी निकालने की कोशिशों में जुटी है। कल से अब तक 16 लाख गैलन पानी निकाला जा चुका है, लेकिन वहां के जलस्तर में महज 1 सेंटीमीटर की कमी हुई है। पहाड़ से रिसकर वहां पानी तुरंत भर जा रहा है।

थाईलैंड की अंडर 16 फुटबॉल टीम के 12 बच्चे और उनके 25 वर्षीय कोच 23 जून से वहां फंसे हुए हैं। ऐसा अनुमान है कि उन्होंने भारी बारिश की वजह से गुफा में शरण ली थी और बारिश की वजह से गुफा का प्रवेश द्वारा अवरुद्ध हो गया। इन बच्चों की उम्र 11 से 16 साल के बीच है।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement