FIR Registered Against Singer Abhijeet Bhattacharya For Misbehavior From Woman

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग ने दो दौर की बातचीत के बाद एकसाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इसमें दोनों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। किम के साथ मुलाकात को ट्रंप ने ऐतिहासिक करार दिया है। जबकि किम ने कहा कि दुनिया आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखेगी।

सफल रही मुलाकात

सिंगापुर समिट में दोनों के बीच मुलाकात एक तरह से सफल रही है। संयुक्त बयान जारी करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किम जोंग को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया। दोनों नेताओं के बीच समझौते से पहले दो दौर की बातचीत हुई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने लंच भी साथ में किया। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि किम जोंग से उनकी बैठक उम्मीद से बेहतर हुई है। इसके अलावा दोनों नेता बैठक के बाद रिजॉर्ट के अंदर टहलते हुए भी दिखाई दिए।

 

41 मिनट चली पहली मुलाकात

सेंटोसा द्वीप के कैपेला रिजॉर्ट में दोनों नेताओं के बीच 41 मिनट तक वन-ऑन-वन मुलाकात हुई। ये मुलाकात कई मायनों में ऐतिहासिक है। अमेरिका का कोई सिटिंग राष्ट्रपति पहली बार किसी उत्तर कोरियाई नेता से मिला है। वहीं, सत्ता संभालने के 7 साल बाद किम जोंग उन पहली बार इतनी लंबी विदेश यात्रा पर आए हैं।

भारतीय समयानुसार सुबह करीब 6:30 बजे दोनों नेता अपने-अपने होटल से सेंटोसा द्वीप पहुंचे थे। होटल पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और फोटो खिंचवाए। इसके बाद दोनों नेता रिजॉर्ट के अंदर गए। अंदर जाते वक्त दोनों हंसते हुए नजर आए। अंदर जाकर डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन ने एक दूसरे से बात की।

 

ट्रंप और किम ने क्या कहा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किस के साथ बैठकर उम्मीद जताई कि यह शिखर वार्ता “जबरदस्त सफलता'” वाली होगी। उत्तर कोरियाई नेता के बगल में बैठकर ट्रंप ने कहा, “आगे हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे। वास्तव में बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, हम बेहद अच्छी चर्चा करने वाले हैं और हमारे रिश्ते शानदार होंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।”

माना जा रहा है कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और एक उत्तर कोरियाई नेता के बीच हो रही यह पहली शिखर वार्ता ट्रंप और किम के बीच कभी बेहद तल्ख रहे रिश्तों को भी बदलने वाली साबित होगी। मुलाकात से पहले अमेरिका ने परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले उत्तर कोरिया को 'विशिष्ट' सुरक्षा गारंटी की पेशकश की थी।

 

मीटिंग पर 100 करोड़ खर्च

इस मुलाकात में कोई कमी न रह जाए इसके लिए मेजबान सिंगापुर भी जबरदस्त तैयारी कर चुका है। ये तैयारी कितनी जबरदस्त है कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाइये कि भारतीय रुपयों में करीब 100 करोड़ का खर्च आ रहा है। असल सवाल तो यही है कि मुलाकात होगी तो क्या बात होगी? उत्तर कोरिया के सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक कई मुद्दों पर अहम चर्चाएं होंगी जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें और उम्मीदें टिकी हैं।

खुद किम जोंग उन ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग से कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया की ऐतिहासिक मुलाकात को पूरी दुनिया देख रही है। वहीं, मुलाकात से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार किम से अपनी मुलाकात को लेकर ट्वीट किए। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि सिंगापुर आना अहम है, वातावरण में उत्साह है!

 

क्या परमाणु निशस्त्रीकरण पर किम होंगे राजी

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी कहा है कि उत्तर कोरिया को अमेरिका ऐसी सुरक्षा गारंटी देने को तैयार है ताकि उन्हें लगे परमाणु निशस्त्रीकरण से उनका अंत नहीं होने जा रहा।अमेरिका बार-बार संकेत दे रहा है कि ट्रंप-किम की बात तभी आगे बढ़ेगी, जब उत्तर कोरिया पूरी तरह परमाणु निरस्त्रीकरण पर राजी हो जाए। यूं तो उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु टेस्ट साइट को नष्ट कर दिया है, लेकिन परमाणु हथियारों के जखीरे को नष्ट करना एक बड़ी बात होगी, जिसे लेकर किम जोंग उन के देश ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं। ट्रंप किस हद तक अपनी बात मनवाना चाहते हैं, इसे सिंगापुर पहुंचने के पहले के उनके इस बयान से समझा जा सकता है? उन्होंने कहा था कि वो फौरन जान जाएंगे कि किम जोंग उन मुलाकात को लेकर गंभीर हैं या नहीं? अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों नेताओं की दुश्मनी यूं ही चलेगी या दोस्ती की बात होगी?

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