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दि राइजिंग न्यूज़

नागपुर।

 

गुरुवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागपुर स्थित आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) मुख्यालय में पहुंचे। यहां उन्‍होंने कहा कि भारत की पहचान एकता और सहिष्णुता में है।

प्रणब दा ने कहा कि मैं आज यहां राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रवाद पर अपने विचार रखने आया हूं। भारत एक स्वतंत्र समाज है, देशभक्ति में सभी का समर्थन होता है। समुद्र, पहाड़, नदियों और लोगों से देश बनता है। देशभक्ति का मतलब देश के प्रति आस्था है।

 

 

भारतीय राष्ट्रवाद में रही है एक राष्ट्रीय भावना

पूर्व राष्ट्रपति ने आगे कहा, राष्ट्रवाद किसी भी देश की पहचान होती है। भारतीय राष्ट्रवाद में एक राष्ट्रीय भावना रही है। सहिष्णुता और विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इतिहास में ह्नेनसांग से लेकर फाह्यान तक ने माना कि भारत एक उदार देश है। उन्‍होंने कहा कि विचारों में समानता के लिए संवाद जरूरी है, संवाद के जरिए हर समस्या का समाधान हो सकता है।

भाषण से पहले दी आरएसएस संस्‍थापक को श्रद्धांजलि

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि देशभक्ति में सभी लोगों का साथ जरूरी है। राष्ट्रवाद किसी भी देश की पहचान है जो किसी धर्म और भाषा में बंटा नहीं है।

 

 

भाषण से पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जन्मस्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस दौरान उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे।

 

 

देश की माता सबकी माता

प्रणब मुखर्जी के भाषण से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपने विचारों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संघ समाज को संगठित करता है। भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति भारतीय है। एक भारतीय किसी दूसरे के लिए पराया कैसे हो सकता है।

 

भागवत ने कहा, संघ केवल हिंदू के लिए नहीं सबके लिए काम करता है। सरकारें बहुत कुछ कर सकती है मगर सबकुछ नहीं कर सकती। हमने सहज रूप से उन्हें (प्रणब मुखर्जी) आमंत्रण दिया और उन्होंने हमारा स्नेह पहचान कर इसपर सहमति दी। हम विविधता में एकता को लेकर चल रहे हैं। देश में कोई दुश्मन नहीं, देश की माता सबकी माता है।

 

कुछ बड़े अपडेट्स

  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी विजिटर बुक में लिखा- मां भारती के महान सपूत थे केशव बलिराम हेडगेवार।

  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब ने हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत ने प्रणब मुखर्जी का स्वागत किया।

  • प्रणब मुखर्जी हेडगेवार के जन्म स्थान पहुंचे।

  • CPI नेता दिनेश वार्ष्णेय ने कहा कि संघ के कार्यक्रम में किसी के जाने या न जाने से कोई संगठन सांप्रदायिक या गैर सांप्रदायिक नहीं हो जाता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस मनुवादी संस्कृति को आगे बढ़ाती है।

  • बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि संघ द्वारा प्रणब मुखर्जी को बुलाए जाने पर कांग्रेस असहिष्णु दिखाई दे रही है। मुझे इसका इंतजार है कि कांग्रेस कब लालकृष्ण आडवानी को अपने कार्यक्रम में बुलाएगी।

  • एसपी के प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया और भीमराव अंबेडकर कभी संघ में नहीं रहे, जबकि संघ ऐसे प्रचार करता है कि मानो महात्मा गांधी और प्रणब उसमें शामिल थे।

  • थोड़ी देर में हेडगेवार के जन्म स्थान जाएंगे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

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