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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 127 अरब रुपये के घोटाले के संबंध में सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआइओ) 35 बैंकों के शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ करेगा। इस सिलसिले में मंगलवार को एक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एसएफआइओ के ऑफिस में पेश हुए। पीएनबी के प्रबंध निदेशक सुनील मेहता बुधवार को पेश हो सकते हैं।

 

सूत्रों के अनुसार एसएफआइओ ने आइसीआइसीआइ बैंक की एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की प्रमुख शिखा शर्मा से भी पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें खुद या अपने प्रतिनिधि के जरिए पेश होने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

बैंक के शीर्ष अधिकारियों यह समन पीएनबी घोटाले के आरोपी एवं गीतांजलि ग्रुप के मालिक मेहुल चोकसी को 5280 करोड़ रुपये के वर्किंग कैपिटल लोन को संबंध में पूछताछ के लिए जारी किया गया है। चोकसी के ग्रुप को यह लोन 31 बैंकों के कंसोर्टियम ने दिया है। इस कंसोर्टियम के लीड बैंक के तौर पर आइसीआइसीआइ बैंक की ओर से ग्रुप को 405 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया गया था।

 

पेश हुए डिप्टी एमडी

मंगलवार को एक्सिस बैंक के डिप्टी एमडी वी श्रीनिवासन की अगुवाई में अधिकारियों की एक टीम दक्षिण मुंबई में एसएफआइओ के कार्यालय में पेश हुई। इन अधिकारियों से एसएफआइओ के अधिकारियों ने दो घंटे से ज्यादा पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, उनसे मेहुल चोकसी के गीतांजलि जेम्स और नीरव मोदी की कंपनियों के साथ लेन-देन के बारे में जानकारी हासिल की गई।

गीतांजलि के वाइस प्रेसिडेंट गिरफ्तार

पीएनबी घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने मंगलवार को गीतांजलि ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट विपुल चितालिया को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लेकर बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में जांच एजेंसी के कार्यालय लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की गई और उसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मालूम हो कि मेहुल चोकसी ने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पीएनबी को 127 अरब रुपये का चूना लगाया है। यह धोखाधड़ी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फारेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) के जरिए की गई। इसमें बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।

 

45 दिन में बड़े कर्जदारों के पासपोर्ट के ब्यौरे जुटाएं बैंक

वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लेने वाले सभी कर्जदारों के पासपोर्ट के ब्यौरे 45 दिन के अंदर जुटा लें ताकि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या की तरह उन्हें देश छोड़कर भागने से पहले ही रोका जा सके। जिन कर्जदारों के पास पासपोर्ट नहीं हैं, उनसे एक प्रमाणपत्र हासिल किया जाए जिसमें यह घोषणा हो कि संबंधित व्यक्ति के पास पासपोर्ट नहीं है। इसके अलावा मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि वे लोन के आवेदन फॉर्म में संशोधन करें ताकि उसमें पासपोर्ट का ब्यौरा दर्ज किया जा सके।

बीएसई ने मांगा स्पष्टीकरण

बांबे स्टॉक एक्सचेंज ने आइसीआइसीआइ बैंक एवं एक्सिस बैंक के शीर्ष अधिकारियों को पीएनबी घोटाले में समन जारी किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें समन भेजे जाने की खबर के बाद आइसीआइसीआइ के शेयर 2.64 फीसदी की गिरावट के साथ 295.10 रुपये पर और एक्सिस बैंक के शेयर 1.31 फीसदी की गिरावट के साथ 516.80 पर बंद हुए।

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