Home Top News Live Indian PM Narendra Modi Addressed Nepalis In Nepal

ग्वालियरः ट्रेन में लगी आग में 33 डिप्टी कलेक्टर ट्रेनिंग करके लौट रहे थे, यात्री सुरक्षित

दिल्ली: लैंडफिल साइट्स को लेकर NGT ने सुनवाई जुलाई तक टाली

ओडिशा: ब्रह्मोस मिसाइल का सफलता परीक्षण किया गया

J-K: अरनिया में गोलीबारी बंद, इलाके में यातायात बहाल

उन्नाव रेप केस: 30 मई को होगी मामले की अगली सुनवाई

नेपाल दौरा: “जय सिया राम” कहकर मोदी ने शुरू किया संबोधन

Home | Last Updated : May 11, 2018 01:40 PM IST

Live Indian PM Narendra Modi Addressed Nepalis in Nepal


दि राइजिंग न्यूज़

काठमांडू।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे के लिए पड़ोसी देश नेपाल में हैं। शुक्रवार सुबह यहां उन्होंने जनकपुर के जानकी मंदिर में पूजा की। PM ने यहां जनसभा को संबोधित किया। PM मोदी ने यहां “जय सिया राम” कहकर अपने भाषण की शुरुआत की। यहां प्रधानमंत्री का स्वागत यहां 121 किलो की फूलमाला पहनाकर किया गया।

 

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं अगस्त 2014 में पहली बार नेपाल आया था, तब मैंने कहा था कि जल्द ही मैं जनकपुर आऊंगा लेकिन मैं तुरंत तो आ नहीं सका, देरी से आने के लिए माफी मांगता हूं। यहां आने की मेरी पुरानी इच्छा थी। उन्होंने कहा कि यहां मंदिर में दर्शन कर मेरा जीवन सफल हुआ। उन्होंने कहा कि सौभाग्य है कि एकादशी के दिन मैया सीता ने मुझे यहां बुलाया है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच त्रेता युग से दोस्ती है, राजा जनक और दशरथ ने दोनों को मित्र बनाया। महाभारत में विराटनगर, रामायण में जनकपुर, बुद्ध काल में लुम्बिनी का ये संबंध युगों-युगों से चलता आ रहा है। नेपाल और भारत आस्था की भाषा से बंधे हुए हैं।

 

PM ने कहा कि हमारी माता, आस्था, प्रकृति, संस्कृति सब एक हैं। उन्होंने कहा कि मां जानकी के बिना अयोध्या भी अधूरी है। मित्रता का बंधन मुझे यहां खींच कर ले आया है। नेपाल के बिना भारत का इतिहास-विश्वास अधूरा है। नेपाल के बिना हमारे धाम भी अधूरे हैं और हमारे राम भी अधूरे हैं।

प्रधानमंत्री ने जनसभा में कहा कि आज यहां कर मुझे अपनापन महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस धरती पर भगवान बुद्ध और माता सीता का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि यहां की मिथिला Paintings को ही लीजिए। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में अत्यधिक योगदान महिलाओं का ही रहा है और मिथिला की यही कला, आज पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। इस कला में भी हमें प्रकृति की, पर्यावरण की चेतना देखने को मिलती है।



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...