Ali Asgar Faced Molestation in The Getup of Dadi

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

रविवार को नासा ने अपने सूरज को छूने वाले ऐतिहासिक मिशन की लॉन्चिंग कर दी है। बता दें कि इसकी लॉन्चिंग पहले शनिवार को होने वाली थी लेकिन बाद में यान की लॉन्चिंग प्रक्षेपण से ठीक पहले हीलियम अलार्म बजने की वजह से टाल दी गई थी। इस यान को डेल्टा-4 रॉकेट से केप कैनवरल स्टेशन से भेजा गया है।

पांच नवंबर को पहुंचेगा सूर्य की कक्षा में

बता दें कि 85 दिन बाद पांच नवंबर को यह सूर्य की कक्षा में पहुंचेगा। यह यान अगले सात साल तक सूर्य के कोरोना के 24 चक्कर लगाएगा। इस यान का नाम अमेरिकी वैज्ञानिक यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। इन्होंने 1958 में पहली बार अनुमान लगाया था कि सौर हवाएं होती हैं। जब ये धाराएं तेजी से निकलती हैं, तो धरती पर उपग्रह लिंक प्रभावित होता है। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए ही मिशन को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

 

 

पार्कर यान 1400 डिग्री तापमान सहने में सक्षम है। यह 724,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्कर लगाएगा। यह अब तक की सबसे तेज रफ्तार होगी। इस यान की लंबाई 9 फीट 10 इंच है। यह 612 किलो तक वजन उठा सकता है। इसे बनाने में 10 हजार करोड़ रुपए लगे हैं।

यह चीज़ पता लगाएगा यान

पृथ्वी से सूर्य की दूरी 1496 करोड़ किमी है। ये यान सूरज की सतह से 64 लाख किमी की दूरी से गुजरेगा। ये सूर्य और बुध के बीच की दूरी का 10वां हिस्सा है। यह पता लगाएगा कि सूर्य की सतह से कोरोना ज्यादा गर्म क्यों है।

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