Neha Kakkar Crying gets Emotional in Memories of Ex Boyfriend Himansh Kohli

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

यूपी के पूर्व सीएम व सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रयागराज नहीं जाने दिया जा रहा और लखनऊ एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। दरअसल, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के वार्ष‍िकोत्सव को लेकर तनाव का माहौल है। समाजवादी छात्र सभा ने अखिलेश यादव को इस कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया है, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उनके कार्यक्रम पर रोक लगा दी है।

अखिलेश को रोके जाने के बाद समाजवादी पार्टी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव समेत अन्य सभी कार्यकर्ताओं ने बालसन चौराहे पर चक्काजाम किया है। तोड़फोड़ कर रहे सपा कार्यकर्ताओं के ऊपर पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरू कर दी है। लाठीचार्ज के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने पथराव करना शुरु कर दिया है। इससे राहगीरों में भगदड़ मच गई है। लाठी चार्ज के दौरान कई सपा कार्यकर्ता और सांसद धर्मेंद्र यादव चोटिल हो गए हैं। कई वाहनों के शीशे टूट गए हैं। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया है। 

सांसद धर्मेंद यादव को पुलिस ने हिरासत में ले ली है। ऐसे में नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की गाड़ी में आग लगा दी है। वहीं छात्रों ने भी डायमंड जुबली हॉस्टल के सामने सड़क पर टायर में आग लगाकर रास्ता जाम कर दिया।

 

 

योगी बोले- कानून व्यवस्था की वजह से रोका

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी होने की आशंका की वजह से अखिलेश को रोका गया है।

डर गई है योगी सरकार: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके योगी सरकार पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से सरकार इतनी डर रही है कि मुझे लखनऊ हवाई अड्डे पर रोका जा रहा है। सरकार का मन साफ नहीं था इसीलिए हमें वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई है। जबकि हमने अपने इस कार्यक्रम को पहले ही 27 दिसंबर 2018 को भेजा गया था।

अखिलेश को मिला मायावती का साथ

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर अखिलेश यादव को एयरपोर्ट पर रोके जाने का विरोध किया। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए लिखा कि राज्य और केंद्र सरकार सपा-बसपा गठबंधन से घबरा गई है। इसलिए अलोकतांत्रिक तरीके से कार्रवाई कर रही है।

उधर, अखिलेश यादव ने पूरे मामले पर नोट जारी कर बताया है कि उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के लिए परमीशन मांगी थी जिसे सरकार के मना करने के बाद प्रोग्राम बदल दिया गया था और अब अखिलेश को प्रयागराज मे अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी से मिलने जाना था और प्रयागराज मे ही रहना था। लेकिन सरकार ने डर कर अखिलेश को जाने ही नही दिया।

विधान परिषद और विधानसभा में हंगामा

इस खबर के फैलने के बाद विधान परिषद और विधानसभा दोनों जगह हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद असेंबली को कल तक के लिए स्थगित करना पड़ा। यूपी सरकार के इस कदम की सपा-बसपा समेत कांग्रेस ने भी भारी आलोचना की है। विपक्ष ने ये भी कहा है कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में मंगलवार को कहा, प्रयागराज में कुंभ चल रहा है। सरकार ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अनुरोध पर यह कदम उठाया है, क्योंकि इससे कानून और व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती थी।

राज्य के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरविंद कुमार ने अपने बयान में कहा है, प्रतिद्वंद्वी छात्र गुटों में बैर को देखते हुए शांति भंग की आशंका थी, जिसकी वजह से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैम्पस में किसी राजनीतिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी और इसकी जानकारी भी दे दी गई। कुंभ की वजह से पहले से ही प्रयागराज में काफी भीड़ है। जिला प्रशासन ने माननीय पूर्व सीएम के कार्यालय और लखनऊ के डीएम को इसके बारे में जानकारी भी दे दी थी।

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