Kajol Says SRK is Giving Me The Tips of Acting

दि राइजिंग न्यूज़

गांधीनगर।

 

आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों के बीच सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बीजेपी सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रही है तो कांग्रेस भाजपा को तोड़ने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। इस चुनाव में जीत का बिगुल बजाने के लिए राहुल गांधी गुजरात के सियासी रण में उतर चुके हैं। बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी गुजरात के अहमदाबाद की सड़कों पर उतरेंगी। 

गोधरा के सियासी मायने

 

कांग्रेस पार्टी के उपअध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों मध्य गुजरात की यात्रा पर हैं। राहुल अपनी यात्रा के तीसरे दिन बुधवार को गोधरा शहर में रोड शो करेंगे। बता दें कि राहुल उसी गोधरा शहर की सड़कों पर होंगे, जहां की घटना ने गुजरात को दंगे में बदल दिया था और सैकड़ों लोगों की जाने गई थी। दरअसल 27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती ट्रेन में अयोध्या से लौट रहे 59 लोग आग से जलकर मारे गए। इसमें ज्यादातर “कारसेवक” थे।

 

इस घटना के बाद 28 फरवरी को गुजरात के कई शहरों में दंगे भड़कने शुरू हो गए। दंगे में सैकड़ों लोगों की जानें गई थीं।

गोधरा की घटना से बीजेपी को मिली जान

 

गुजरात दंगे के बाद जब विधानसभा चुनाव हुई तो बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुई। 1995 के बाद से अभी तक बीजेपी लगातार गुजरात की सत्ता पर काबिज है। गुजरात में गोधरा और दंगो ये दोनों ही शब्द एक सिक्के के दो पहलू हैं। गोधरा दंगो के जरिए जहां गुजरात बीजेपी के लिये हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बनी। उसी सांप्रदायिकता के नाम पर बीजेपी आज न सिर्फ गुजरात में बल्की देश में राज कर रही है। दंगों के बाद सत्ता में आयी बीजेपी को अब तक कांग्रेस हिला तक नहीं पायी है।

कांग्रेस को जगी उम्मीद

 

गुजरात में बीजेपी का माहौल अब फीका पड़ने लगा है। यही वजह है कि कांग्रेस को सत्ता में वापसी की आस जगी है। इसीलिए लगातार राहुल गुजरात में सक्रिय हैं। राहुल गांधी का गोधरा जाना काफी महत्वपूर्ण हैं। बीजेपी के गढ़ गोधरा में सेंधमारी की उम्मीद में रोड शो करेंगे। राहुल गोधरा शहर के गांधी चौक इलाके, बुरावाव चौराहा और बामनिया चौक होते हुए बस से ही जनता को संबोधित करेंगे। राहुल गोधरा में लोगों से क्या बात कर रहे हैं वो भी काफी मायने रखता है।

ओबीसी समुदाय के आस्था वाले मंदिर में राहुल

 

राहुल गांधी अपने गोधरा के रोड शो के बाद खेड़ा में फागवेल भाथीजी महाराज के मंदिर में भी जाएंगे। भाथीजी महाराज की काफी अहमियत ओबीसी समुदाय के बीच है। राहुल फागवेल भाथीजी के दर्शन करेंगे और उसके बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। बता दें कि 2002 दंगे के बाद नरेंद्र मोदी ने इसी मंदिर से दर्शन के बाद चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। राहुल का इस मंदिर में जाने के पीछे सियासी मायने हैं। इसके अलावा ये भी मान्यता है कि जिसे भाथीजी महाराज का आशीर्वाद मिल जाता है उसके लिए राजनीति में जीत आसान हो जाती है।

कांग्रेस अपने परंपरागत वोटबैंक को साधने में जुटी

 

राहुल गांधी कांग्रेस के मजबूत वोटबैंक माने जाने वाले ओबीसी समुदाय को संबोधित करेंगे। गुजरात दंगो के बाद कांग्रेस का ये परंपरागत वोट बैंक हिंदुत्व के नाम पर बीजेपी के खेमें चला गया है। राहुल उसी वोट बैंक को वापस लाने के लिए गुजरात में पसीना बहा रहे हैं और भाथीजी महाराज के दर्शन करने की वजह यही मानी जा रही है।

राहुल बनाम स्मृति ईरानी

 

राहुल की काट के लिए बीजेपी स्मृति ईरानी को आज गुजरात भेज रही है। स्मृति ईरानी अहमदाबाद की सड़कों पर उतरेंगी। स्मृति ईरानी गुजरात में पार्टी की चल रही गौरव यात्रा में शामिल होंगी। दरअसल स्मृति ईरानी गुजरात से ही राज्यसभा सदस्य है।

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