Rani Mukerji to Hoist the National flag at Melbourne Film Festival

दि राइजिंग न्यूज़

पंचकूला।

 

बलात्कारी गुरमीत राम रहीम के बेहद करीबी अनुयायी ने कबूला है कि डेरा मुखी ने ही उसे नपुंसक बनाया। वजह बताते हुए उसने कहा कि वह सिरसा डेरे में गुफा के आसपास ही रहता था। गुफा में ही सारे अनैतिक और गलत काम होते थे। आपको बता दें कि साध्वी यौन शोषण केस में 20 साल की सजा काट रहे बाबा पर अपने ही 400 समर्थकों-अनुयायियों को नपुंसक बनाने का केस भी चल रहा है। इनकी जांच सीबीआइ कर रही है। 28 अगस्त को पंचकूला में दंगा भड़काने के आरोप में कई डेरा समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनमें से चार समर्थक मेडिकल रिपोर्ट में नपुंसक पाए गए हैं।

सीबीआइ ने इस सेवादार के बयान की कॉपी मांगी...

 

बीती देर रात सीबीआइ की टीम संबंधित रिकॉर्ड लेने पंचकूला पुलिस के पास पहुंची। पुलिस को एक हफ्ते में डॉक्यूमेंट्स पूरे करने को कहा गया है। सीबीआइ ने पंचकूला पुलिस से उस समर्थक के बयानों की कॉपी भी मांगी है जिसमें उसने कहा है कि चूंकि वह गुफा के करीब रहता था इसलिए उसे नपुंसक बनाया गया। जैसे ही नपुंसक बनाए गए चारों समर्थकों का पुलिस रिमांड खत्म होगा, सीबीआइ उनसे पूछताछ करेगी।

हनीप्रीत से पिछले 24 घंटों में 9 घंटे हुई पूछताछ

 

पिछले 24 घंटों में पंचकूला पुलिस के चार अफसरों ने हनीप्रीत से 9 घंटों तक पूछताछ की। चार पुलिस अफसरों ने दिन में पांच बार अलग-अलग पूछताछ की। 60 से ज्यादा सवाल पूछे गए, लेकिन किसी भी सवाल का सही जवाब नहीं मिला। हनीप्रीत ने सिरदर्द का बहाना करके चाय और दवा की डिमांड की।

 

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह सवालों के जवाब में उलझा रही है। डॉक्टरों की टीम ने उसका मेडिकल किया। बीपी और ईसीजी दोनों नॉर्मल हैं। वहीं, दिल्ली तक हनीप्रीत को पहुंचाने वाले शख्स ने पुलिस को बताया कि उसे हनीप्रीत के मोबाइल के बारे में कुछ पता नहीं है वह सुखदीप कौर के फोन पर आया था।

हनीप्रीत ने पूछताछ में कहा- हां, मेरा प्लान जरूर था, लेकिन...(चुप हो गई)

 

  • पुलिस: डेरे के लोगों को पंचकूला बुलाया गया, कितने लोगों को बुलाने का टारगेट था?

  • हनीप्रीत: हमने तो नीचे वालों को बताया था, यहां केस से बरी होने के बाद सत्संग करने का विचार था। यह प्लान मेरा जरूर था, लेकिन...(चुप हो गई)

  • पुलिस: कितने लोगों को खुद बताया कि पंचकूला में ये प्लानिंग है?

  • हनीप्रीत: (पहले चुप रही, फिर बोली) लोगों को तो यहां आना ही था।

  • पुलिस: कौन से नंबरों का इस्तेमाल किया?

  • हनीप्रीत: मेरे पास जो नंबर पहले से मौजूद थे वही थे। उसके बाद मेरा फोन खराब हो गया और एक नंबर बंद हो गया।

  • पुलिस: आदित्य से आखिरी बार कब मिली?

  • हनीप्रीत: पता नहीं कब मिली थी, कुछ याद नहीं है।

आमने-सामने: गवाह राकेश और आरोपी हनीप्रीत...

 

हनीप्रीत पुलिस के सवालों का जवाब नहीं दे रही है। पुलिस ने शुक्रवार को दूसरा तरीका अपनाया- उसके सामने ही दो गवाहों सुखदीप और राकेश को बिठाकर सवाल-जवाब किए। हालांकि, इसका भी कोई खास फायदा नहीं हुआ।

दंगा भड़काने की मीटिंग पर सवाल

 

राकेश- हां, 17 अगस्त को हुई मीटिंग में हनीप्रीत मौजूद थी। समर्थकों को पंचकूला पहुंचने के लिए इसने ही कहा था। लोग पहले डेरा चीफ के काफिले के साथ 28 अगस्त को पंचकूला जाने वाले थे। तब हनीप्रीत ने कहा था कि लेट जाएंगे, तो कैसे मैनेज होगा। इसलिए बड़ी संख्या में समर्थक पहले ही पहुंच गए।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll