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बजट 2018: जीएसटी और टैक्‍स पर क्‍या है FICCI की राय, पढ़िए

Home | 09-Jan-2018 13:40:14 | Posted by - Admin
   
Latest Updates over Budget 2018 of Modi and Central Government

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

मोदी सरकार ने बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी के मद्देनज़र प्री-बजट बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ हुई प्री-बजट मीटिंग में फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री (फिक्‍की) ने कॉरपोरेट टैक्‍स घटाने की सिफारिश की है। फिक्की ने आम आदमी के साथ ही कारोबारियों को मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाने का भी प्रस्ताव सामने रखा है।

 

फिक्की ने कॉरपोरेशन टैक्स को 18-25 फीसदी के बीच रखने की बात कही है। FICCI ने प्री-बजट मीटिंग में मुनाफाखोरी विरोधी प्रावधानों को और भी स्पष्ट करने पर जोर दिया। इसके साथ ही इसे आसान बनाने की सिफारिश भी की। 

बैठक में फिक्‍की के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कई सुझाव दिए। इसमें उन्होंने आम लोगों और कारोबारियों को टैक्स में छूट देने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि टैक्स छूट मिलने से घरेलू निवेश और मांग बढ़ेगी। इसके साथ ही वैश्व‍िक स्तर पर भी भारत प्रतिस्‍पर्धी माहौल बनाए रखने में कामयाब रहेगा।

 

पटेल ने ये भी याद दिलाया कि पिछले बजट में कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाकर 25 फीसदी लाने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा अभी तक हुआ नहीं है। इसलिए अब सरकार को चाहिए कि इसे घटा दिया जाए।

उन्होंने जीएसटी में भी सुधार को लेकर अपने सुझाव दिए। कहा कि जीएसटी टैक्स स्लैब को कम करने की जरूरत है। इन्हें तीन से चार के बीच ही रखना बेहतर होगा।

 

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि जीएसटी के अनुपालन को सरल बनाने के साथ ही अन्य उत्पादों को भी इसके दायरे में लाया जाए। उनके मुताबिक करदाताओं की उलझनों को दूर करने के लिए मुनाफाखोरी रोधी प्रावधानों को स्पष्ट करना जरूरी है।

इसके अलावा सरकारी बैंकों के मर्जर और इनका निजीकरण करने का भी सुझाव दिया। बैंकों को दिए जा रहे रिकैपिटलाइजेशन फंड का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ सरकारी बैंकों का निजीकरण करने पर भी विचार करना चाहिए। इसके साथ ही बैंकों के मर्जर पर भी विचार जरूरी है।

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