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Budget 2018: इस साल बढ़ सकता है कृषि ऋण बजट...

Home | 23-Jan-2018 10:40:53 | Posted by - Admin
   
Latest Updates over Budget 2018

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

कृषि क्षेत्र में ऋण बढ़ाने के लिए आगामी आम बजट में कृषि ऋण का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है। यह बात सूत्रों ने कही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से पहली छमाही में यानी सितंबर 2017 तक 6.25 लाख करोड़ रुपये के ऋण जारी किए जा चुके हैं।

चालू वित्त वर्ष के लिए लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये है

सूत्रों ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कृषि है। यह संभावना है कि कृषि क्षेत्र के लिए ऋण का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष्र के लिए बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये कर दिया जाए। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए ऋण एक आवश्यक इनपुट है। संस्थागत ऋण किसानों को गैर-संस्थागत कर्ज स्रोतों के चंगुल से बचाने में मदद करेगा, जहां ब्याज दर काफी ऊंचा होता है।

 

कृषि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 4 फीसदी

आम तौर पर कृषि ऋण पर नौ फीसदी ब्याज लगता है। लेकिन कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के मकसद से सस्ती दर पर लघु अवधि के लिए कृषि ऋण उपलब्ध कराने को सरकार ब्याज पर छूट देती रही है। सरकार किसानों को दो फीसदी ब्याज छूट देती है, ताकि किसानों को तीन लाख रुपये तक का लघु-अवधि ऋण सालाना सात फीसदी की प्रभावी दर पर मिले।

पहली छमाही में 6.25 लाख करोड़ के ऋण हुए हैं जारी

इसके साथ ही समय से पहले कर्ज वापस करने वाले किसानों को ब्याज में तीन फीसदी की अतिरिक्त प्रोत्साहन छूट दी जाती है। इससे किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर और घटकर चार फीसदी रह जाती है। ब्याज छूट (सबवेंशन) सरकारी बैंकों, निजी बैंकों, सहकारिता बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को अपने कोष के उपयोग करने पर और नाबार्ड को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारिता बेंकों को रिफाइनेंस करने के लिए दिया जाता है। गौरतलब है कि चालू वर्ष से सभी लघु अवधि फसली ऋण खातों को आधार से जोड़ा जा रहा है। यही नहीं फसली ऋण लेने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी लिंक किया जा रहा है।

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