Director Kalpana Lajmi Passed Away

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

बीते शुक्रवार से सात साल के प्रद्युम्‍न की हत्‍या के मामले में चर्चा में आया रेयान इंटरनेशनल स्‍कूल अब पूरी तरह से मुसीबत में आ गया है। देश भर में रेयान इंटरनेशनल के नाम से स्कूल चेन चलाने वाली कंपनी रेयान इंटरनेशनल ग्रुप के ट्रस्टी ग्रेस और ऑगस्टिन पींटो सेबी के रडार पर आ गए हैं।

सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने अपनी जांच में पाया है कि दोनों मालिकों ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए करोड़ो रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है।

 

 

एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक, रेयान इंटरनेशनल ग्रुप सात साल के बच्चे प्रद्युम्न की गुड़गांव स्थित स्कूल में हत्या के बाद सुर्खियों में आया हुआ है।

ग्रेस और ऑगस्टिन पिंटो ने मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी कामालक्क्षी लिमिटेड में 50 लाख रुपये का निवेश किया था। इस 50 लाख के निवेश पर एक साल के भीतर 32 करोड़ रुपये से अधिक की लॉन्ड्रिंग की थी। सेबी ने बाद में इस कंपनी को स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने से बैन कर दिया था।

 

 

इस तरह से किया था घोटाला

कामालक्ष्मी ने कुछ खास 137 लोगों को प्रिफेंशियल शेयर दिए थे। यह ऐसे शेयर होते हैं, जिनको स्टॉक मार्केट में ट्रेड नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने इन शेयरों को 10.20 रुपये प्रति शेयर की दर से दिया था। रायन के मालिक ग्रेस और ऑगस्टिन पिंटो ने पांच लाख शेयर खरीदे और इसके लिए एक करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी के शेयर की कीमत को जनवरी 2014 से लेकर के दिसंबर 2014 के बीच में आर्टिफिशियल तरीके से 4694 फीसदी तक बढ़ाया गया। एक साल में इस शेयर का प्राइस 10.20 से बढ़कर 489 रुपये हो गया। इस तरह पिंटो दंपत्ति ने एक साल में 32.20 करोड़ रुपये की अवैध तरीके से कमाई की थी।

 

 

टैक्स नहीं देने के लिए अपनाया ये तरीका

इस कमाई पर टैक्स न देना पड़े, इसके लिए कंपनी के निवेशकों लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को हथियार बनाया। कैपिटल गेन टैक्स एक साल से अधिक समय तक शेयर रखने पर नहीं लगता है, अगर इस तरीके का इस्तेमाल नहीं करते तो फिर 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता।

 

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने अपनी तीन साल की वार्षिक रिपोर्ट में भी प्रॉफिट को कम दिखाया था। फिलहाल सेबी ने कंपनी के स्टॉक मार्केट में ट्रेड करने पर रोक लगा दी है और मामला इनकम टैक्स विभाग को सौंप दिया है। इस बीच रोक लगने के बाद कामालक्ष्मी ने भी अपना बदल कर ग्रोमोट्रेड एंड कंसलटेंट रख लिया है।

 

आज हाइकोर्ट में होगी सुनवाई

वहीं प्रदयुम्न मर्डर केस में अब रेयान ग्रुप के मालिकान पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। बांबे हाई कोर्ट में आज रेयान ग्रुप के ट्रस्टी समूह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में आज महिला वकीलों की एक याचिका पर भी सुनवाई होगी।

 

बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि ट्रस्टी समूह के डॉ ऑगस्टिन फ्रांसिस पिंटो (73) और ग्रेस पिंटो (62) पिछले 40 वर्षों से ज्यादा वक्त से शिक्षा के क्षेत्र में हैं। पूरे भारत में रेयान इंटरनेशनल ग्रुप के 54 स्कूल चल रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा ग्रुप के सभी स्कूलों की प्राथमिकता है। बचाव पक्ष के वकील ने इन्हीं तर्कों के आधार पर ट्रस्टी समूह के अधिकारियों की अग्रिम जमानत की मांग की है।

 

 

हरियाणा सीएम ने दिया सीबीआइ जांच का आश्‍वासन

वहीं इस मामले में अपने बच्चे को इंसाफ दिलाने के लिए प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने केस की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है और आज सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा। दरअसल सोमवार को जब सुप्रीम कोर्ट में प्रद्युम्न मर्डर केस पर सुनवाई हो रही थी, उसी दौरान वरुण ठाकुर को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का फोन आया था।

 

 

फोन पर खट्टर ने उनसे कहा कि अगर उनका परिवार पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं होता है तो हरियाणा सरकार इस केस की सीबीआइ जांच कराने को भी तैयार है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी प्रद्युम्न की मां ज्योति ठाकुर और अंकल को फोन कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस के बाद आज सुप्रीम कोर्ट में महिला वकीलों द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई होगी।

 

दरअसल महिला वकीलों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस बात को रखा था कि देशभर के अधिकतर स्कूल बच्चों के लिए बनाई गई सेफ्टी गाइडलाइंस का पालन नहीं करते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनसे पहले इस संबंध में याचिका दाखिल करने को कहा था और इसी याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

 

 

क्या है मामला?

बीते शुक्रवार गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले सात साल के मासूम प्रद्युम्न की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। कत्ल का इल्जाम स्कूल बस के कंडक्टर अशोक पर लगा। पुलिस पूछताछ में अशोक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अशोक ने पुलिस को बताया कि उसने प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश की थी। नाकाम होने पर पकड़े जाने के डर से उसने प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या कर दी।

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