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दि राइजिंग न्यूज़

अहमदाबाद।

 

 

गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे के साथ साझा बयान में कहा कि जापान हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट एक लैंडमार्क प्रोजेक्ट है। भारत और जापान के रिश्तों में कम्युनिकेशन बहुत महत्वपूर्ण है।

 

 

भारत और जापान के साझा बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है! नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे ने पाकिस्तान से मुंबई हमले और पठानकोट के गुनहगारों को सजा देने को कहा है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ जापान इंडिया कंसल्टेशन को आगे बढ़ाने की बात कही है।

साझा बयान में आतंकी संगठनों अलकायदा, आइएसआइएस, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ साझा सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर देने की बात है। 

 

 

दोनों नेताओं ने सुरक्षा और मैरीटाइम के क्षेत्र में पाइरेसी से मुकाबले को लेकर अपनी वचनबद्धता को दोहराया। इसके अलावा सुमद्री डाकुओं से लड़ने और अन्य तरह के संगठित अपराध से निपटने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैकेनिज्म बनाने की बात कही है।

 

मोदी और आबे ने कड़े शब्दों में उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार बनाने और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम की आलोचना की। दोनों नेताओं ने हाल ही में तीन सितंबर को नॉर्थ कोरिया की ओर से किए गए न्यूक्लियर टेस्ट का भी जिक्र किया।

भारत-जापान ने उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम का समर्थन करने वाले सभी पक्षों की जवाबदेही तय करने की बात कही है। दोनों देशों ने नॉर्थ कोरिया से जल्द से जल्द इसे रोकने को कहा है।

 

 

इंफॉर्मेशन और इंटेलिजेंस पर भी साझेदारी

मोदी-आबे ने साझा बयान में आतंकवाद और चरमपंथी हिंसा के खिलाफ मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने की बात कही है। इसमें इंफॉर्मेशन और इंटेलिजेंस साझा किए जाने की भी बात है। इस बारे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रूप से गहन सहयोग की बात है।

 

 

लैंडमार्क प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे के साथ साझा बयान में कहा कि जापान हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट एक लैंडमार्क प्रोजेक्ट है। भारत और जापान के रिश्तों में कम्युनिकेशन बहुत महत्वपूर्ण है।

 

 

उन्होंने कहा, जापान के मेरे पिछले दौरे पर हमने न्यूक्लियर सप्लाई समझौते पर हस्ताक्षर किए। क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज के लिए हमारा प्रयास बहुत ही महत्वपूर्ण है। जापान ने 2016-17 में 4.7 बिलियन डॉलर भारत में निवेश किया है, जोकि पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। यह दोनों देशों के बीच विश्वास के स्तर को दिखाता है।

 

 

“कूल बॉक्स सर्विस” शुरू करने का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट के बीच “कूल बॉक्स सर्विस” शुरू करने का प्रस्ताव दिया। इसके जरिए भारत में रह रहे जापानी लोग अपने देश से पसंदीदा भोजन मंगा सकेंगे।

 

 

भारत और जापान के बीच 15 समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।

 

भारत में रेस्टोरेंट खोले जापानी फूड इंडस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की फूड इंडस्ट्री से भारत में अपने रेस्टोरेंट खोलने का आह्वान किया और कहा कि भारत खुद को बदल रहा है। इसके लिए हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बिजनेस को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोनों देशों के बीच आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं।

 

 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जापान से जल-थल-आकाश में चलने में सक्षम 12 यूएस-1 विमान लेने के बहुत समय से लंबित भारतीय प्रस्ताव और रक्षा उद्देश्यों के लिए मानव रहित जमीन पर चलने वाले वाहनों एवं रोबोट के क्षेत्र में अनुसंधान समन्वय के लिए विशेष तौर पर चर्चा हो सकती है। इससे दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी के साथ रक्षा संबंध भी गहरे हो सकते हैं।

 

 

भारत जापान वार्षिक बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब हाल ही में सिक्किम क्षेत्र में चीन के साथ सीमा पर चल रहा डोकलाम गतिरोध खत्म हुआ है, तो उत्तर कोरिया द्वारा किये गये परमाणु परीक्षण और दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते दावे के चलते क्षेत्र में तनाव बढ़ा है। मोदी एवं आबे इस मुद्दे पर विचार कर सकते हैं। आबे की यात्रा से पहले भारत, जापान रक्षा मंत्री स्तरीय वार्षिक वार्ता टोक्यो में हो चुकी है।

 

इसमें सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी और 12 यूएस-1 शिनमायवा विमान खरीदने के नई दिल्ली के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस बात के संकेत हैं कि मोदी और आबे की बातचीत के बाद दिये जाने वाले संयुक्त वक्तव्य में रक्षा सहयोग के बारे में कुछ अंश हो सकते हैं। रक्षा वार्ता के साथ दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए थे कि मानव रहित जमीन पर चलने वाले वाहनों एवं रोबोट के क्षेत्र में अनुसंधान समन्वय के लिए तकनीकी विचार विमर्श शुरू किया जाए।

 

 

बुधवार देर रात तक चला रहा मोलभाव का दौर

अहमदाबाद के हयात होटल में ठहरे जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार देर रात तक मोलभाव का दौर चलता रहा। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के अधिकारी कुछ खास मुद्दों पर मोलभाव कर रहे हैं, जिसे वित्तमंत्री अरुण जेटली के जापान दौरे के समय गति मिली थी। जेटली के दौरे के समय जारी हुए साझा वक्तव्य में भी यूएस-1 विमान को लेकर दोनों देशों के प्रयासों को जगह मिली थी।

 

मोदी और शिंजो आबे के बीच गुरुवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता होगी। बीते तीन सालों में दोनों नेताओं के बीच ये 10वीं बैठक है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच सुरक्षा संबंधों पर चर्चा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव एस जयशंकर भी मौजूद रहेंगे।

 

 

ज्वॉइंट वर्किंग ग्रुप पर हो सकती है चर्चा

बातचीत के दौरान मोदी और आबे दोनों देशों की सरकारों और डिफेंस इंडस्ट्रीज के बीच संपर्क और सहयोग को और बढ़ाने पर बात कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेता रक्षा उपकरणों और टेक्नोलॉजी को-ऑपरेशन को लेकर ज्वॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाने पर बात कर सकते हैं।

 

 

परमाणु ऊर्जा पर भी चर्चा की उम्मीद

मोदी एवं आबे के बीच परमाणु ऊर्जा के बारे में सहयोग के मुद्दे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। जुलाई में भारत एवं जापान के बीच ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार लागू हुआ था, जिसके तहत इस क्षेत्र में दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रावधान है।

 

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