Home Top News Latest And Trending Updates Over Pradyuman Murder Case And Ryan International Updates

1984 दंगे: सज्जन कुमार को राहत, बेल रद्द करने की SIT की मांग खारिज

PNB घोटाला: गिरफ्तार 12 आरोपियों से CBI की पूछताछ जारी

पुलिस ने वीके जैन का बयान बदलवाया: AAP नेता संजय सिंह

पटना: कोतवाली पुलिस ने 50 लाख कैश के साथ 2 युवक को पकड़ा

नीरव मोदी पर IT की कार्रवाई, हैदराबाद में गीतांजलि ग्रुप की SEZ यूनिट ज़ब्त

प्रद्युम्न मर्डर केस: नाबालिग को मिलेगी ऐसी सजा...

Home | 09-Nov-2017 12:40:31 | Posted by - Admin
   
Latest and Trending updates over Pradyuman Murder case and Ryan International Updates

दि राइजिंग न्यूज़

गुरुग्राम।

 

प्रद्युम्न मर्डर केस में सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार आरोपी छात्र अभी नाबालिग है। 11वीं में पढ़ने वाले छात्र की उम्र 16 साल बताई जा रही है। ऐसे में सीबीआइ ने उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। सीबीआइ अफसर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही आरोपी छात्र से पूछताछ कर सकेंगे।

 

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कहा है कि पूछताछ के बाद आरोपी छात्र को ऑब्जर्वेशन में भेज दिया जाएगा। उधर, सीबीआई की मांग है कि आरोपी को बालिग मानते हुए इस जघन्य अपराध के लिए फांसी या उम्रकैद की सजा दी जाए, लेकिन इस पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को ही फैसला करना है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि आरोप सिद्ध हुए तो क्या सजा होगी।

याद दिलाते चलें कि दिल्ली में हुए देश को झकझोर देने वाले निर्भया कांड के बाद बने कानून में कुछ संशोधन किए गए थे। इसके तहत केंद्र सरकार ने जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम 2015 पारित कराया था, जो 15 जनवरी 2016 से यह लागू हो गया था। इस कानून के तहत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड प्रारंभिक जांच कर अपराध की प्रकृति और गंभीरता का पता लगाता है।

 

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड पता करता है कि जो अपराध किया गया है, वो एक बालक के तौर पर किया गया है या वयस्क की मानसिकता से। इस बोर्ड में मनोचिकित्सक और समाज विशेषज्ञ होते हैं, जो वस्तुस्थिति बेहतर समझते हैं। यदि अपराधी को नाबालिग माना गया, तो उसे 3 से 7 साल के लिए बाल सुधार गृह में भेजा जाता है, वरना वयस्क की तरह बर्ताव होता है।

रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस में भी यदि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी छात्र की मानसिकता का अध्ययन करने के बाद वयस्क मान लिया, तो आपराधिक रिकॉर्ड देखते हुए उसे उम्रकैद की सजा दी जा सकती है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उसे नाबालिग मानते हुए 3 साल तक के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया जाएगा। सीबीआइ अधिकतम सजा की मांग करेगी।

 

सीबीआइ सूत्रों का कहना है कि आरोपी छात्र ने स्कूल बंद कराने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है। वह पढ़ाई में कमजोर में था, इसलिए स्कूल में होने वाली परीक्षा और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग को टालना चाहता था। उसने अपने दोस्तों से भी कहा था कि वे परीक्षा की तैयारी न करें, क्योंकि स्कूल में छुट्टी होने वाली है। सीसीटीवी में वह चाकू ले जाते दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र चाकू लेकर टॉयलेट गया। वहां उसे मोबाइल पर पोर्न फिल्म देखी। उसी समय उसकी नजर प्रद्युम्न ठाकुर पर पड़ी। उसने चाकू निकाला और प्रद्युम्न का गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान प्रद्युम्न का यौन शोषण नहीं हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने स्कूल के माली को जाकर बताया कि प्रद्युम्न घायल पड़ा है।

 

सीबीआइ प्रवक्ता अभिषेक दयाल के मुताबिक, बस कंडक्टर अशोक कुमार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। गुरुग्राम पुलिस ने पूरे देश को झाकझोर देने वाली इस नृशंस घटना में केवल कंडक्टर को आरोपी बनाया था। इस हत्याकांड में इस्तेमाल हुआ हथियार, एक चाकू, उस शौचालय के कमोड में मिला, जहां हत्या हुई थी। चाकू वही है, जो पुलिस ने बरामद किया था।

बताते चलें कि प्रद्युम्न मर्डर केस में नया मोड़ तब आ गया, जब इस मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र (16) को हिरासत में लिया। आरोपी छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया। बोर्ड ने आरोपी छात्र को तीन दिन की सीबीआइ रिमांड में भेज दिया गया है, जहां सीबीआइ उससे पूछताछ कर रही है।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news