Actress Parineeti Chopra is also Going to Marry with Her Rumoured Boy Friend

दि राइजिंग न्यूज़

अहमदाबाद।

 

गुजरात विधानसभा चुनाव की आग अब लपटे पकड़ने लगी है। राहुल गांधी और कांग्रेस इस चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सहयोगी, कांग्रेस का सामना डट कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस चुनाव में पाटीदार आरक्षण का मुद्दा ज़ोरों-शोरों से उठ रहा है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि मुद्दे पर पाटीदार आरक्षण समिति और कांग्रेस नेताओं के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। देर रात 3 घंटे तक चली मैरॉथन बैठक में संवैधानिक तौर पर कांग्रेस किस तरीके से आरक्षण देगी इस विषय पाटीदार नेताओं ने सवाल उठाए।

 

इसके बाद कांग्रेस की ओर से पाटीदारों से बातचीत कर रहे कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और बाकी नेताओं को अलग से एक बैठक करनी पड़ी। यह बैठक बेनतीजा रहने से अभी भी पाटीदारों से कांग्रेस को मिलने वाले समर्थन की घोषणा करने की बात एक और मुलाकात के लिए आगे टल गई है।

गुजरात में बीजेपी का वोट बैंक रहे पाटीदार समाज की नाराजगी का फायदा उठाने की हरसंभव कोशिश कांग्रेस की ओर से की जा रही है। और हो भी क्यों ना? 50 सीटों पर पाटीदारों का कब्जा है। पाटीदारों का झुकाव या नाराजगी किसी भी राजनीतिक दल का गणित सुधार या बिगाड़ सकती है। इसी सिलसिले में कांग्रेस ने आरक्षण देने पर भरोसा दिया तो पाटीदार आरक्षण समिति के नेता कांग्रेस मुख्यालय मुलाकात के लिए पहुंचे थे।

 

पाटीदार नेताओं से बातचीत की जिम्मेजारी कानूनविद् और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को दी गई थी। बैठक के दौरान सिब्बल के साथ गुजरात प्रदेश के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

पाटीदारों ने सवाल उठाया कि पहले कांग्रेस साफ करे कि संवैधानिक तौर पर कैसे कांग्रेस पाटीदारों को आरक्षण दे सकती है। कांग्रेस ने जो फॉर्म्यूला दिया था वो पाटीदारों के पसंद नहीं आया उसके बाद कांग्रेस नेताओं को अलग बैठक करनी पड़ी।

 

हालांकि बैठक के बाद पाटीदार नेताओं ने कहा कि उनकी मुलाकात बेहद अच्छे माहौल में हुई। 2 से 3 ऑप्शन कांग्रेस ने बताए हैं जिस पर पहले हार्दिक से और बाद में समाज से चर्चा करने के बाद फैसला लिया जाएगा कि कांग्रेस को समर्थन दें या नहीं।

गौरतलब है कि पाटीदार को ओबीसी या ईबीसी में संवैधानिक रूप से आरक्षण देने के लिए कानून में क्या प्रावधान किए जाएं इसका अध्ययन करने की जिम्मेदारी कांग्रेस आलाकमान की ओर से वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को दी गई थी।

 

सिब्बल ने इस पर एक खाका तैयार करके इसकी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दे दी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर कपिल सिब्बल पाटीदार नेताओं से मिले। सिब्बल ने बताया कि मुलाकात से क्या रास्ते बन सकते हैं उन बातों पर चर्चा हुई।

पाटीदारों ने अगले दो दिन में समर्थन के मुद्दे पर रुख साफ करने को कहा है। लेकिन इससे पहले भी एक और मुलाकात होगी जो आरक्षण के मुद्दे पर बनी धुंधली छवि को साफ करेगी।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement